5 फरवरी को मांडर थाना क्षेत्र में कोयला लदे ट्रक की चपेट में आने से सीयूजे के दो छात्रों की मौत हो गई। इस दुर्घटना के बाद नाराज छात्रों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। मांडर पुलिस ने इस मामले में 16 नामजद छात्रों सहित 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायत मांडर अंचलाधिकारी चंचला कुमारी ने की, जिसमें सड़क जाम, हंगामा, पुलिस से झड़प और पथराव के आरोप लगाए गए हैं।
प्रशासन ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम रखा, जिससे करीब 10-15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। एंबुलेंस और आम लोग भी इसमें फंस गए। जब पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर रास्ता खोलने का प्रयास किया, तो प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस को भी रोक दिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों के साथ बदसलूकी की और उनके कॉलर पकड़ कर धक्का-मुक्की की।
प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव के कारण खलारी डीएसपी, मांडर थाना प्रभारी, सैट के जवान और अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान की जा रही है। इस घटना ने प्रशासन और जनता के बीच तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है और पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हुई है।










