गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी और बोआरीजोर प्रखण्ड के कुछ गांवों में मलेरिया रोग के प्रसार के रोकथाम एवं बचाव के संबंध में आज जिशान कमर, उपायुक्त, गोड्डा की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में जिलास्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम हेतु गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में सिविल सर्जन, सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, डब्लू एच ओ के पदाधिकारी एवं अन्य विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
सुंदरपहाड़ी और बोआरीजोर प्रखंडों के मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों एवं उनसे सटे अन्य प्रखंडों के गांवों में मलेरिया के प्रसार पर नियंत्रण तथा रोगग्रस्त लोगों के प्रभावी उपचार की दिशा में बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारियों से विमर्श कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
सुंदरपहाड़ी प्रखण्ड के बड़ा सिंदरी पंचायत के कुछ गांवों में मास सर्वे में 4,959 लोगों का रैपिड डायग्नोस्टिक किट के माध्यम से मलेरिया जांच की गई।स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी जांच रिपोर्ट के आधार पर जिन भी गांवों में बुखार,सरदर्द , उल्टी जैसे लक्षण वाले मामलों की एक अनुपात से ज्यादा संख्या पाई गई है, वहां मास सर्वे कराने का निर्देश दिया गया। वहीं बुखार आदि लक्षणों के कम मामले वाले गांवों में फीवर सर्वे कराने का निर्देश दिया गया। ओपीडी में बुखार, सरदर्द के मामले आने पर उनका मलेरिया जांच अनिवार्य रूप से कराने का निर्देश दिया गया।

साथ ही सहिया, एएनएम के माध्यम से भी मलेरिया प्रभावित गांवों में घर घर सर्वे किया जा रहा है।
बड़ा सिंदरी पंचायत के जिन गांवों में मलेरिया नियंत्रण प्रोटोकॉल के अनुरूप रोग की जांच, दवाओं व मच्छरदानी का वितरण, आईआरएस का छिड़काव आदि का कार्य किया जा चुका है, उन क्षेत्रों में लगातार फॉलोअप गतिविधियां संचालित करने एवं स्थिति पर नजर बनाए रखने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों को दिया गया, ताकि मलेरिया के पुनः उभार होने की संभावना का उन्मूलन किया जा सके। ऐसे मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में लोग दवा का सेवन कर रहे हैं या नहीं, मच्छरदानी का प्रयोग कर रहे हैं या नहीं, मच्छरों के लार्वा के पनपने वाले जल जमाव को समाप्त किया गया है या नहीं, इसकी जांच कराने का निर्देश दिया गया।
फीवर सर्वे में बिना लक्षण वाले व्यक्तियों को भी मलेरिया रोधी प्रोफिलैक्टिक दवाओं का वितरण कराने का निर्देश दिया गया।
डब्लू एच ओ के प्रतिनिधियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में मास सर्वे, फीवर सर्वे, सीएचसी आदि से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर मलेरिया आउटब्रेक मैनेजमेंट की कार्यनीति बनाने का सुझाव दिया गया। मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों से सटे अन्य गांवों में प्री कॉशनरी तौर पर जांच एवं रोकथाम हेतु सभी आवश्यक संसाधन दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया।
मलेरिया रोग से ग्रस्त मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में सीएचसी, पीएचसी में सुविधाओं को बढ़ाने, अतिरिक्त केसों को सदर अस्पताल भेजने, सदर अस्पताल, गोड्डा में भी 30 बेड की क्षमता का निर्माण करने का निर्देश सिविल सर्जन, गोड्डा को दिया गया ताकि मलेरिया मरीजों की अतिरिक्त संख्या को प्रभावी चिकित्सा सुविधा दी जा सके।
मलेरिया रोग के प्रसार से उत्पन्न चुनौती का सामना करने के लिए चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं स्टॉक व लॉजिस्टिक्स की किसी भी तरह की कमी नहीं हो, इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया और किसी भी तरह की आकस्मिकता से निपटने के लिए सरकारी सप्लाई या निजी क्षेत्र से आपूर्ति को सुनिश्चित करने एवं असेसमेंट करके बफर स्टॉक तैयार रखने का निर्देश दिया गया।
इस बीच उपायुक्त , गोड्डा द्वारा जनसंपर्क विभाग के माध्यम से सभी प्रभावित क्षेत्रों में मलेरिया की रोकथाम एवं बचाव हेतु संथाली एवं पहाड़िया भाषाओं में जनजागरूकता के प्रसार का कार्य कराया जा रहा है।










