बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच आरा की धरती पर पीएम नरेंद्र मोदी का भोजपुरी तूफान आया। मां आरण्य देवी के चरणों में प्रणाम करते हुए उन्होंने कहा, “हम मां आरण्य देवी के चरणों में प्रणाम करत बानी, वीर बांकुर बाबू वीर कुंवर सिंह के ई धरती पर अभिनंदन करअतनी।” एनडीए प्रत्याशी के लिए समर्थन मांगते हुए मोदी ने महागठबंधन के घोषणापत्र को “छल-कपट वाला डॉक्यूमेंट” करार दिया। उन्होंने कहा कि एनडीए का मेनिफेस्टो ईमानदार है, जिसमें कमाई, पढ़ाई और सिंचाई पर जोर है, जबकि विपक्ष का दस्तावेज जनता की आंखों में धूल झोंकने का हथियार है।
मोदी यहीं नहीं रुके। उन्होंने सनसनीखेज आरोप लगाया कि आरजेडी और कांग्रेस के बीच घमासान चल रहा है। नामांकन वापसी के एक दिन पहले बंद कमरे में गुंडागर्दी हुई, जिसमें राजद ने कांग्रेस की कनपट्टी पर कट्टा रखकर सीएम पद चोरी कर लिया। जबरदस्ती सीएम फेस का ऐलान कराया गया। पीएम ने कहा, “कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि राजद सीएम तय करे, लेकिन मौका नहीं छोड़ा गया।” उन्होंने चेतावनी दी कि बिहार का भला ऐसे लोग कभी नहीं कर सकते, जो 2005 से पहले जातीय दंगे कराते थे।
एक तरफ एनडीए का सुशासन, दूसरी तरफ जंगलराज का कुशासन – यह द्वंद्व मोदी ने आरा के मंच से जनता के सामने रखा। उन्होंने याद दिलाया कि जनता सब जानती है और छल-कपट का खेल अब नहीं चलेगा। भोजपुरी अंदाज में शुरू हुआ भाषण राजनीतिक हमलों की बौछार बनकर महागठबंधन पर बरसा, जिससे बिहार की सियासी हवा में नया रंग घुल गया।










