राँची मोदी सरनेम’मामले में एमपी-एमएलए की विशेष न्यायाधीश अनामिका किस्कू की अदालत में हुई सुनवाई .इस दौरान कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और अपनी संसदीय गवा चुके, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अधिवक्ता प्रदीप चंद्रा ने सुनवाई के लिए 15 दिनों का समय मांगा.अधिवक्ता प्रदीप चंद्रा ने कोर्ट को बताया कि एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सशरीर हाजिर होने के आदेश, राहुल गांधी के खिलाफ मोदी सरनेम पर टिप्पणी को लेकर मानहानि का केस किया है.जिसपर रांची एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई चल रही है. राहुल गांधी ने CRPC (कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर) की धारा 205 के तहत सशरीर पेशी से छूट मांगी थी.राहुल गांधी की सशरीर उपस्थिति से छूट की याचिका खारिज कर चुकी.कोर्ट को बताया गया कि व्यक्तिगत छूट देने से संबंधित याचिका खारिज करने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है,जिस पर सुनवाई अभी लंबित है। इसलिए इस मामले में सुनवाई नहीं करते हुए समय प्रदान किया जाए.
न्यायाधीश अनामिका किस्कू की अदालत में सुनवाई
एमपी-एमएलए की विशेष न्यायाधीश अनामिका किस्कू की अदालत में हुई सुनवाई संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में राहुल गांधी की ओर से उनके अधिवक्ता की ओर से समय की मांग की जाएगी। मोदी सरनेम पर इस टिप्पणी को लेकर अधिवक्ता प्रदीप मोदी ने कोर्ट में शिकायतवाद दर्ज कराया था। याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा है कि राहुल गांधी की इस टिप्पणी से पूरे मोदी समाज का अपमान है। इस टिप्पणी से मोदी समाज आहत है। इसलिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर मामले में राहुल पर मुकदमा
पूर्णेश मोदी की याचिका पर सूरत कोर्ट ने मोदी सरनेम केस के मानहानि के अलग मामले में कांग्रेस नेता को दो साल की सजा सुनाई थी। अदालत के इस फैसले के बाद राहुल की संसद सदस्यता भी चली गई। अमित शाह पर टिप्पणी करने मामले में भी मुकदमा इसके अलावा अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में भी राहुल पर मुकदमा चल रहा है। 2018 में चाईबासा में हुए कांग्रेस अधिवेशन के दौरान राहुल गांधी ने भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि एक हत्यारा सिर्फ भाजपा में ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है,कांग्रेस में नहीं।
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