निरसा : क्षेत्र के पानी की समस्या को दूर करने के लिए चिरकुंडा नगर परिषद कार्यालय परिसर में 7 लाख 17 हजार 700 सौ रुपये के राशि से वर्ष 2016- 17 में HYDT भवन का निर्माण किया गया था। जो रख रखाव के अभाव में बेकार हो गया।
चिरकुंडा नगर परिषद परिसर में वर्ष 2016-17 में HYDT भवन का निर्माण कराया था। जहाँ लगभग 700 फिट का डीप बोरिंग किया गया था ताकि क्षेत्र के पानी की समस्या को टैंकर के माध्यम से दूर किया जा सके। लेकिन रख रखाव के अभाव में लाखों का योजना बेकार हो गया।
नगर परिषद के सभी वार्डों में पानी का सप्लाई
आपको बताते चलें की HYDT भवन निर्माण के बाद चिरकुंडा शहरी जलापूर्ति योजना को लाया गया। जिससे चिरकुंडा नगर परिषद के सभी वार्डों में पानी का सप्लाई दिया गया। हालांकि अब भी सारी जलापूर्ति योजना का लाभ से कई वार्ड वंचित है जहां क्षेत्र के लोग पानी की बूंद बूंद के लिए तरस रहे हैं । जानकारी के अनुसार वर्तमान समय में चिरकुंडा नगर परिषद टैंकर से पानी सप्लाई करने के लिए 150रुपए में पानी खरीद कर क्षेत्र में वितरण करता है। HYDT को अगर समय रहते ध्यान दिया जाता तो आज चिरकुंडा नगर परिषद को बाहर से पानी खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती और राजस्व की भी बचत होती ।
अधिकारियों की लापरवाही के कारण धराशाई हो गया योजना
तत्कालीन उपाध्यक्ष वरुण देव ने कहा कि क्षेत्र में 4 HYDT भवन का निर्माण किया गया था। इसमें एक भवन की राशि ₹717700 की थी, इसका उद्देश्य था कि क्षेत्र में पानी की समस्या को दूर करना। लेकिन जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह योजना धराशाई हो गया। और इसका लाभ 1 से 2 वर्ष तक की मिल पाया। इसके मरम्मत के लिए बोर्ड मीटिंग में बातो को रखा गया था।









