रांची : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा 2000 रुपए के नोट बैन करने के फैसले पर झारखंड में राजनीतिक उफान पर है। झारखंड की राजनीतिक पार्टियां खासकर बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही है एक तरफ बीजेपी और आजसू ने आरबीआई के फैसले का स्वागत किया, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने इसे कर्नाटक चुनाव में बीजेपी को मिली हार से जोड़ा है। कांग्रेस ने कहा कि कर्नाटक में मिली शिकस्त के बाद भाजपा तिलमिला गई है। इसलिए बौखलाहट में इस तरह की फैसले ले रही है।
देश हित में लिया गया फैसला- बीजेपी
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के फैसले पर भारतीय जनता पार्टी ने स्वागत किया है। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव का कहना है कि यह फैसला उन लोगों के लिए परेशानी का सबब बनेगा जिन्होंने ब्लैक मनी के रूप में 2000 का नोट छिपा कर रखा है और देश की अर्थव्यवस्था पर नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के फैसले से करप्शन पर विराम लगेगा। यह देश हित में फैसला लिया गया है।
2000 के नोट बैन से रूकेगा काला धन- सुदेश महतो
भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी पार्टी आजसू ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के इस फैसले को सही करार दिया है। आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो का कहना है कि यह उनकी पॉलिसी है। किसी पॉलिसी के तहत ही इस तरह का निर्णय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने लिया है। जो देश हित में साबित होगा। करप्शन पर विराम लगेगा। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार को कहीं ना कहीं इस बाबत काला धन जमाबंदी की आशंका होगी जिसे देखते हुए या निर्णय लिया गया है जो देश हित में है।
कर्नाटक चुनाव में हार बाद बौखला गई है मोदी सरकार- कांग्रेस
नोटबंदी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिन्हा का कहना है कि जिस तरह से इस बार नोटबंदी को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को आगे कर दिया गया है यह केंद्र सरकार के असली चेहरे को दिखाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्क्रीन पर खुद आना चाहिए और इसकी घोषणा करनी चाहिए थी। साथ ही साथ सिटीजन को फैसले को क्यों लिया जा रहा है यह भी देश की जनता को बताना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने इस फैसले पर निशाना साधते हुए भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है कि कर्नाटक हार के बाद या पार्टी तिलमिला गई है और ऐसे बौखलाहट में इस तरह के फैसले ले रही है। अभी देश की जनता को और भी बहुत कुछ 2024 लोकसभा चुनाव से पहले देखने को मिलेगा।
आरबीआई ने किया बैन
बता दें कि साल 2016 के नवंबर में मोदी सरकार ने 500 और 1000 रुपए के नोट बंद कर दिए थे। इसके बाद 2000 हजार रुपए के नोट मार्केट में आए थे। अब इसे भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा बैन कर दिया गया। इस फैसले पर झारखंड सहित पूरे देश में सियासत तेज है। देखने वाली बात होगी इस फैसले से देश की जनता को कितना फायदा होता है या फिर फैसला फिसड्डी साबित होती है।









