रांची यूनिवर्सिटी (RU) एक बार फिर शिक्षक और कर्मचारियों की भारी कमी का खामियाजा भुगत रही है। राष्ट्रीय मूल्यांकन प्रत्यायन परिषद (NAAC) की नई ग्रेडिंग में यूनिवर्सिटी को B++ ग्रेड मिला है, जो पिछले ग्रेडिंग से केवल 0.01 अंक ज्यादा है। हालांकि, यूनिवर्सिटी को उम्मीद थी कि उसे इस बार A ग्रेड मिलेगा, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर, लैब और लाइब्रेरी में सुधार किए गए थे।
शिक्षकों और कर्मचारियों की भारी कमी के कारण यूनिवर्सिटी का प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। वर्तमान में रांची यूनिवर्सिटी में 70% कर्मचारियों के पद खाली हैं और 40% शिक्षकों की कमी है। पिछले तीन दशकों से भर्ती न होने के कारण स्थायी नियुक्ति की कमी बनी हुई है। यही कारण है कि यूनिवर्सिटी B++ ग्रेड से ऊपर नहीं जा पाई। इस कमी के चलते यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षमताएं भी प्रभावित हो रही हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में रांची यूनिवर्सिटी अपनी ग्रेडिंग में सुधार कर सके।










