रांची : मरांग बुरू और सरना धर्म कोड झारखंड के आदिवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। इन दोनों विषय को लेकर कई बार आदिवासियों ने धरना प्रदर्शन भी किया। परंतु आदिवासियों के हित में राज्य सरकार ने कोई भी निर्णय नहीं लिया। उक्त बातें आज पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने प्रेस वार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि जिस तरीके से हमारे राज्य के आदिवासियों के हक अधिकार को छीना जा रहा है। यह हम आदिवासी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करने वाले हैं। सरकार ने अब हमारी चुप्पी तोड़ दी है। इन्ही सब मुद्दों को लेकर कोलकाता में 30 जून को सरना धर्म कोड जनसभा आहूत की जाएगी। इस जनसभा में मुख्यमंत्री के खिलाफ 5 सवाल उठाए जायेंगे की आखिर क्यों राज्य के मुखिया हेमंत सोरेन राज्य को ही अंधेरे में रख रहे हैं।
आदिवासियों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आखिरकार क्यों सरना धर्म कोड की जगह आदिवासी धर्म कोर्ड पारित कर बिना राज्यपाल के हस्ताक्षर कर दिल्ली भेज दिया। इसे लटकाने भटकाने का काम कर रहे हैं। जिस तरीके से आदिवासियों के ईश्वर मरांगबुरू पारसनाथ को भारत सरकार को पत्र लिखकर जैन के हाथ बेचने का भी काम किया है। इन्हीं सब मुद्दे को लेकर 30 जून को हम कोलकाता में सरना धर्म कोड जनसभा का आयोजन करने जा रहे हैं।









