रांची. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर के सेवानिवृत्त प्रोफेसर और कांसेप्ट ऑफ फिजिक्स के लेखक और प्रसिद्ध शोधकर्ता डॉ. हरिशचंद्र वर्मा ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के सभागार में आयोजित दो दिवसीय व्याख्यानमाला के तहत आज दूसरे दिन Strengthen Science Teaching and Research in universities and Colleges विषय पर अपना व्याख्यान दिया। विश्वविद्यालय के IQAC और भौतिकी विभाग द्वारा आयोजित इस दूसरे दिन के व्याख्यान में प्रो. वर्मा ने काफी रोचक तरीके से पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।
आज अपने उद्बोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने बताया कि विद्यार्थी जीवन के दैनिक समय सारिणी में हम नित्य प्रतिदिन विज्ञान के प्रयोगों से रूबरू होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को न्यूटन के नियमों की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें अपने अंदर की वैज्ञानिकता को निखारने का निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होनें कहा कि जीवन एक समीकरण के समान है, जो हमारे लिए मापदंड निर्धारित करता है। इसके लिए उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ्य रहने की बात पर बल देते हुए कहा कि उन्हें ज्ञान की प्राप्ति के लिए समझ, चिंतन और उसके विस्तार पर केंद्रित होने की आवश्यकता है।
अपने उद्बोधन में प्रो. वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का स्रोत सिर्फ पुस्तकें ही नहीं होती बल्कि उनका सामजिक परिवेश भी इसका एक महत्वपूर्ण तत्व है, जिसके अंतर्गत परिवार, मित्र, प्रकृति होते हैं, जिनसे हम रोजाना कुछ न कुछ सीखने को मिलता है और हमारे ज्ञान में वृद्धि होती है। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी को अपने अंदर जिज्ञासु होने की बात पर जोर दिया। इसके उपरांत सभागार में उपस्थित बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उनके शैक्षणिक प्रश्नों के उत्तर दिए। वहीं विद्यार्थियों ने उनसे पॉलिटेक्निक स्पीड ऑफ लाइट, मैकेनिक्स और एस्ट्रोनॉमी, टाइम मशीन से सबंधित प्रश्न पूछे।
वहीं कुलपति डॉ. तपन कुमार शांडिल्य ने इस दो दिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए इसे अति महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस दो दिवसीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य यह था कि कैसे इस प्रदेश के विद्यार्थियों को इस लब्ध प्रतिष्ठित, पद्मश्री प्राप्त विद्वान की अकादमिक श्रेष्ठता से लाभान्वित करें और यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि इस सम्पूर्ण प्रयास में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय पूर्ण रूपेण सफल रहा है। उन्होंने आगे कहा दो दिनों के उपरांत विद्यार्थियों को इस कार्यशाला के माध्यम से न सिर्फ भौतिकी बल्कि विज्ञान से सबंधित नवीन जानकारियां प्राप्त हो सकी हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यह तो एक शुरुआत है, आगे से प्रत्येक विषयों के लिए विश्वविद्यालय विशेष लेक्चर सीरीज का आयोजन करेगा, जिसके द्वारा न सिर्फ शिक्षक बल्कि पूरे प्रदेश के विद्यार्थी लाभन्वित हो सकें। उन्होंने पुनः प्रो. एचसी वर्मा का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनका यहां आना और लगातार दो दिनों तक विद्यार्थियों से संवाद करना, उच्च शिक्षा के प्रति उनके गहरे लगाव और स्नेह का परिचायक है।
कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स, पटना के भौतिकी विज्ञान के एसोसिएट प्रो. संतोष कुमार ने भी इस अवसर पर अपना विचार व्यक्त किया। मंच संचालन डॉ. शमा सोनाली ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जेपी शर्मा ने किया। मौके पर विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. नमिता सिंह, डॉ. अनुपम कुमार , डॉ. अर्पणा सिन्हा, IQAC के अभी सदस्य समेत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के शिक्षक, रांची विश्वविद्यालय के शिक्ष , पॉलिटेक्निक, निर्मला कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज और शारदा ग्लोबल स्कूल के विद्यार्थी उपस्थित थे। यह जानकारी पीआरओ प्रो राजेश कुमार सिंह ने दी।









