रांची : झारखंड में स्वास्थ्य विभाग के सुरक्षाकर्मियों ने समंता सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर बहाली के नाम पर पैसे वसूलने के गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसे लेकर सुरक्षा कर्मियों ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से मुलाकात कर जानकारी दी।
निजी कंपनी पर लगा पैसे लेने का आरोप
दरअसल, रांची जोन के सरकारी अस्पतालों में सुरक्षाकर्मियों की बहाली हो रही है। रांची सदर अस्पताल के पुराने सुरक्षा कर्मियों ने पुनः बहाली के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप एक निजी कंपनी पर लगाया है। इस संबंध में मंगलवार को सदर अस्पताल सुरक्षा कर्मी संघ के बैनर तले दर्जनों सुरक्षा कर्मियों ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से उनके आवास पर मुलाकात कर उन्हें इसकी सारी जानकारी दी। और घूस को रोकने की गुहार लगाई।
जानिए क्या बोले सुरक्षाकर्मी
मौके पर उपस्थित सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि पिछले 7 वर्षों से वे सदर अस्पताल में सुरक्षाकर्मी का काम कर रहे थे, लेकिन बीच में ही उन्हें हटा दिया गया। जिसे लेकर लगातार वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से मुलाकात कर रहे थे। इस दौरान हमलोगों को आश्वासन भी मिला था कि उन्हें ही ज्वाइन करवाया जाएगा। लेकिन जैसे ही भर्ती की जानकारी हुई की एक निजी कंपनी के द्वारा सुरक्षा कर्मियों की बहाली हो रही है। वैसे ही हमलोग वहां पर पहुंचे। तब पता चला कि निजी कंपनी बहाली के नाम पर 15000 का डिमांड कर रहा है। पैसे नहीं देने पर नौकरी पर नहीं रखने की धमकी दे रहा है।
काफी दिनों से सुरक्षाकर्मियों को नहीं मिला रोजगार
सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि पिछले लंबे समय से काम नहीं मिलने के कारण उनके परिवारिक स्थिति बद से बदतर हो गई है। ऐसे में पुनः जॉइनिंग के लिए 15000 रुपए देना संभव नहीं है। इसे रोका जाए, अन्यथा उग्र आंदोलन के लिए सुरक्षाकर्मी मजबूर हो जाएंगे।
निजी कंपनी कर रही सुरक्षाकर्मियों की बहाली
गौरतलब है कि रांची सदर अस्पताल सहित सरकारी अस्पताल में लगभग 155 सुरक्षाकर्मी पहले से कार्यरत थे और अब भी उतनी ही सुरक्षा कर्मियों की बहाली होनी है। ऐसे में पुराने सुरक्षाकर्मी जिस तरह से एक निजी कंपनी पर आरोप लगा रहे हैं और विरोध की बात कर रहे हैं, समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो सरकार को एक बार फिर से कर्मियों का विरोध का दंश झेलना पड़ सकता है।









