सीनियर आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के निलंबन की अवधि समाप्त हो गई है, और अब उन्हें किसी विभाग का प्रभार सौंपने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रांची की PMLA की विशेष अदालत में एक याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया है कि पूजा सिंघल को किसी भी विभाग का प्रभार नहीं सौंपा जाना चाहिए। ईडी का तर्क है कि अगर पूजा सिंघल को किसी विभाग का प्रभार दिया जाता है, तो वह अपने पद का दुरुपयोग करके केस को प्रभावित कर सकती हैं। इस याचिका पर पूजा सिंघल की ओर से जवाब दाखिल किया गया है, और अदालत 14 फरवरी को इस मामले में सुनवाई करेगी।
पूजा सिंघल के निलंबन की समाप्ति और विभागीय प्रभार पर विवाद ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। पूजा सिंघल के पक्षधर और विरोधी दोनों ही इस मामले पर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। पूजा सिंघल ने अदालत में अपने जवाब में कहा है कि उन्होंने अपने पद का कभी दुरुपयोग नहीं किया और उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि पूजा सिंघल एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी हैं और उन्हें विभाग का प्रभार सौंपा जाना चाहिए।
अदालत 14 फरवरी को इस मामले में सुनवाई करेगी, जिसके बाद यह तय होगा कि पूजा सिंघल को किसी विभाग का प्रभार सौंपा जाएगा या नहीं।










