रांची : टेट सफल सहायक अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मिथलेश उपाध्याय और महासचिव मोहन मंडल ने बुधवार को संयुक्त रूप से प्रेस बयान जारी कर बताया कि राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में 8 नवंबर 2022 को सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली की प्रति को जलाकर पूरे प्रदेश में विरोध दर्ज किया गया। परंतु मीडिया के माध्यम से पता चल रहा है कि 20 मई को सहायक आचार्य नियमावली का विज्ञापन निकालने जा रही है, जो सहायक अध्यापकों के साथ अन्याय है। क्योंकि सहायक आचार्य नियमावली सरकार द्वारा जबरन थोपा जा रहा है। इस मामला को लेकर दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो से कई दौर की वार्ता हुई थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि टेट सफल सहायक अध्यापकों को समायोजित कर वेतनमान दिया जाएगा।
सहायक अध्यापकों के साथ अन्याय कर रही सरकार
दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के आश्वासन को दरकिनार करते हुए वर्तमान में मुख्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री नयी नियुक्ति नियमावली के तहत विज्ञापन निकालने की बात कर रहे हैं। जो कहीं से न्यायोचित नहीं है। उधर सरकार अल्पसंख्यक विद्यालयों में बिना टेट पास लोगों को नियुक्त कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करती है। इससे सरकार का दोहरा चरित्र प्रदर्शित होता है। झारखंड सरकार के महाधिवक्ता भी जेटेट सफल सहायक अध्यापक जो सहायक शिक्षक बनने की सारी अहर्ता को पूर्ण करते हैं उन्हें समायोजित कर वेतनमान देने की सिफारिश सरकार से कर चुके हैं। इसके बावजूद भी सरकार हठधर्मिता के कारण वेतनमान से वंचित कर नियुक्ति नियमावली के तहत एक और परीक्षा से गुजरने की बात कर रही है।
नई नियुक्ति नियमावली लाकर उलझाने का कार्य कर रही झारखंड सरकार
उन्होंने कहा कि जेटेट सफल सहायक अध्यापक 20 वर्षों का कार्यानुभव रखते हुए विद्यालयों में पठन पाठन का कार्य कर रहे हैं। सभी की उम्र बढ़ती जा रही है। अनेकों तरह की बीमारियों और परिवार की जिम्मेदारियों को वहन करते हुए अवसाद से ग्रसित हैं। ऐसी परिस्थिति में बार – बार परीक्षा लेना न्यायोचित नहीं है। प्रति दिन सहायक अध्यापक आर्थिक तंगी और बीमारी से काल के गाल में समा रहे हैं। उनके परिवार को सरकार एक रुपया भी नहीं दे रही है उल्टे नियुक्ति नियमावली लाकर उलझाने का कार्य कर रही है।
सीएम हेमंत से की ये मांग
उन्होंने मुख्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री से मांग करते हुए कहा कि पहले सहायक अध्यापक को 2015 नियुक्ति के तहत सीधा सहायक शिक्षक बनाया जाए और तत्काल के लिए सहायक आचार्य नियमावली के विज्ञापन को न निकाला जाए। आचार्य नियमावली को संशोधन करते हुए टेट सफल सहायक अध्यापक को सीधा नियुक्त करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपना वादा निभाएं। अगर सहायक आचार्य नियमावली का विज्ञापन को सरकार तत्काल निकालने से रोकती नहीं है तो टेट सफल सहायक अध्यापक संघ आंदोलन करने पर मजबूर होंगे, जिसकी सारी जवाबदेही सरकार पर होगी।









