गिरीडीह : जिला में फूलजोरी इलाके के पास रेलवे ट्रैक पर शव पड़े होने के कारण ढाई घंटे तक ट्रेन रूकी रही। ट्रेन के लेट हो जाने के कारण नाराज यात्रियों ने स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। गुस्साए यात्रियों गिरिडीह स्टेशन के टिकट काउंटर पर बैठे रेलकर्मियों से ना केवल हाथापाई की बल्कि टिकट का पैसा रिफंड करने की मांग करने लगा। इसके बाद यात्रियों ने टिकट काउंटर का शीशा तोड़ दिया। हालांकि कुछ यात्रियों के बीच बचाव से मामला सुलझ गया।
काफी देर तक पटरी पर ही पड़ा रहा शव
दरअसल फूलजोरी इलाके के पास पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक का शव काफी देर तक पटरी पर ही पड़ रहा। इसी कारण घटना के बाद ट्रेन को स्टेशन पर ही रोकना पड़ा, जिसके चलते यात्रियों ने हंगामा किया। बताया जाता है कि करीब ढाई घंटे बाद सुबह 7ः30 बजे गिरिडीह मधुपुर पैसेजर ट्रेन खुली और अपने गति से रवाना हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक का नाम रामदेव ठाकुर है। हालांकि यह घटना कब हुई ये अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। सूचना मिलते ही परिजन व रेल पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। हालांकि, स्थानीय पुलिस के समय से नहीं पहुंचने पर शव लंबे वक्त तक रेल पटरी से नहीं हटाया जा सका। इसके चलते रेल परिचालन बाधित रहा।

टिकट काउंटर का तोड़ा शीशा
ट्रेन के वापस मधुपुर नहीं जाने से यात्री नाराज हो गए। यात्रियों ने टिकट के रुपये वापस करने की मांग की। इस दौरान कुछ यात्री टिकट काउंटर पर पहुंचे। यहां पर एक युवक ने खूब हंगामा किया। युवक टिकट का सारा पैसा रिफंड मांग रहा था। ऐसा नहीं होने पर उक्त युवक ने टिकट काउंटर का शीशा तोड़ दिया। इस घटना में एक रेलकर्मी भी चोटिल हो गया है। चोटिल रेलकर्मी का नाम सुभाष है।
‘…70 फीसदी पैसा ही होता है वापस’
सुभाष ने बताया कि रेलवे के नियम के अनुसार ट्रेन रद्द होने पर 70 फीसदी पैसा ही वापस हो सकता है। यह बात एक युवक समझ नहीं रहा था और पूरा पैसा मांगने लगा। नहीं देने पर उसने ही काउंटर के शीशा को तोड़ दिया। सुभाष ने बताया कि टूटे हुए शीशा का टुकड़ा उसके चेहरे पर लगा और वह चोटिल हो गया।









