- जल जीवन मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली 8 जल सहियाओं को मिला विशेष सम्मान
- श्री अबु इमरान, सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने किया सम्मानित
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श्री अबु इमरान, सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित एवं सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जलापूर्ति योजनाओं के प्रभावी रूप से संचालन एवं रख-रखाव में उत्कृष्ट योगदान देने वाली राज्य की 8 जलसहियाओं को विशेष प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। सचिव ने इन जल सहायिकाओं के काम की तारीफ़ की और झारखंड की सभी दूसरी जल सहायिकाओं को भी ऐसा ही करने के लिए प्रोत्साहित किया। नेपाल हाउस में आयोजित कार्यक्रम में जल सहिया दीदी ने अपने अनुभव भी साझा किया।
- सम्मानित होने वाली जलसहियाओं में बोकारो जिले की 5 तथा रांची जिले की 3 जलसहिया शामिल हैं।
सम्मानित जलसहियाओं ने अपने-अपने ग्राम एवं पंचायतों में जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) के साथ सक्रिय समन्वय एवं सहभागिता करते हुए जल जीवन मिशन की योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था में आने वाली समस्याओं की पहचान एवं सूचना, जल की सुरक्षित गुणवत्ता, जल संरक्षण तथा पानी के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति समुदाय को जागरूक करने में भी सराहनीय योगदान दिया है।
जलसहियाएं ग्रामीण परिवारों को उपयोगकर्ता शुल्क के महत्व के प्रति जागरूक करने तथा जल एवं स्वच्छता समिति के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे योजनाओं के संचालन एवं आवश्यक रख-रखाव के लिए स्थानीय स्तर पर सामुदायिक योगदान को बढ़ावा मिलता है।
यह सम्मान जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में जल सहियाओं की वास्तविक कार्य, कार्य स्थल पर होने वाले चुनौतियों का समाधान करते हुए उनकी भूमिका औरयोगदान को पहचानने एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। साथ ही यह अन्य जल सहियाओं और ग्रामीण समुदायों को योजनाओं के सतत संचालन एवं जल सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा।

जल जीवन मिशन का लक्ष्य केवल ग्रामीण परिवारों तक नल के माध्यम से पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि नियमित, पर्याप्त, सुरक्षित एवं दीर्घकालिक जल सेवा सुनिश्चित करना है। इन जल सहिया दीदियों के माध्यम से मासिक जल शुल्क नियमित रूप से संग्रह किया जा रहा है।पानी के टैक्स से इकट्ठा हुए पैसे का इस्तेमाल प्लंबर और पंप ऑपरेटरों की मासिक सैलरी देने, मरम्मत करने और पीने के पानी की सप्लाई स्कीम के संचालन और रखरखाव के लिए किया जाता है।










