मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि मुड़मा जतरा मेला के विषय में बताने की आवश्यकता नहीं है। निरंतर इस जतरा मेला का गूंज दूर तक जा रही है। हम आज नमन करते हैं अपने पूर्वजों को जिन्होंने हमें मुड़मा जतरा के इस शक्ति खूंटे से बंधकर रहना सिखाया है। मुड़मा जतरा एक महत्वपूर्ण मेला है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का जुटान इस मेला को भव्य और ऐतिहासिक बनता है। मुड़मा जतरा का देश और दुनिया में अलग पहचान है। यहां जितने भी श्रद्धालु उपस्थित हुए हैं उनके लिए आज सिर्फ मेले का आनंद लेने का ही दिन नहीं बल्कि समाज से जुड़ने और समाज को एक सूत्र में बांधने का संकल्प लेने का दिन भी है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज रांची जिला के मांडर प्रखंड क्षेत्र में आयोजित ऐतिहासिक दो दिवसीय मुड़मा जतरा मेला के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहीं।

हमारी सरकार जल्द आंदोलनकारियों के समस्याओं का हल करने का कार्य करेगी
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों का राज्य है। हमारे आंदोलनकारी पूर्वजों के लम्बी लड़ाई और संघर्ष के बाद झारखंड राज्य का उदय हो पाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने हमारे आंदोलनकारियों को इधर-उधर भटकने को मजबूर किया है। हमारी सरकार जल्द अलग झारखंड की लड़ाई लड़ने वाले आंदोलनकारियों के समस्याओं का हल करने का कार्य करेगी।
राज्य की आंतरिक क्षमता मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य की आंतरिक क्षमता बहुत मजबूत है। ऊपर वाले ने इस राज्य को विभिन्न खनिज संपदाओं से आच्छादित किया है। विभिन्न प्राकृतिक संपदाओं के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य से भी सजाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विडंबना है कि विभिन्न खनिज संपदाओं का भरमार, प्राकृतिक सौंदर्य, मेहनतकश मानव बल रहने के बावजूद भी झारखंड पिछड़े राज्यों की श्रेणी में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि हम इस राज्य को बेहतर तरीके से सजाएं और सवारें।

राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को विकसित राज्य बनाना है तो हमें शिक्षा व्यवस्था पर जोर देनी पड़ेगी। हमारी सरकार अब राज्य में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने पर लगी है। अब सरकारी विद्यालयों को निजी विद्यालयों से बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। हमारी सरकार अपने खर्चे पर अब राज्य के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश पढ़ाई करने भेज रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड आदिवासी बहुल प्रदेश है। इस प्रदेश को शिक्षित करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। शिक्षा प्राप्त करके जी हम अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ सकते हैं।










