झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोयला कंपनियों द्वारा बकाया राशि का भुगतान न करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में न्यायिक आदेशों के बावजूद कोयला कंपनियों द्वारा 1.36 लाख करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान न करने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। यह राशि राज्य के विकास और आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। सोरेन ने कहा कि अगर कोयला कंपनियां जल्द ही बकाया राशि का भुगतान नहीं करती हैं, तो राज्य सरकार कोयला खदानों के आसपास बैरिकेड्स लगाने पर विचार कर सकती है।
सरकार ने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कोयला कंपनियों को न्यायिक आदेशों का पालन करना चाहिए और बकाया राशि का भुगतान करना चाहिए। कोयला कंपनियों ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे भुगतान की प्रक्रिया में हैं और जल्द ही बकाया राशि का भुगतान कर देंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से भुगतान में देरी हो रही है। सरकार ने कोयला कंपनियों को जल्द से जल्द भुगतान करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।
इस मामले पर जनता की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है। कुछ लोग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कड़े रुख की सराहना कर रहे हैं, जबकि अन्य कोयला कंपनियों की देरी पर नाराज हैं। जनता का मानना है कि राज्य के विकास के लिए बकाया राशि का भुगतान आवश्यक है और कोयला कंपनियों को न्यायिक आदेशों का पालन करना चाहिए। इस मुद्दे ने राज्य में आर्थिक और सामाजिक विकास के महत्व को एक बार फिर से उजागर किया है।










