शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की उदासीनता को दूर करने के लिए झारखंड में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। 24 सितंबर 2024 को रांची में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने नगर निकायों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में उन्होंने कहा कि शहरी मतदाताओं को जागरूक और मतदान-सजग बनाने के लिए नगर निकायों की भूमिका अहम है। वर्तमान में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य जारी है और अगले दो हफ्तों में मतदाता सूची का प्रकाशन होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन के कार्य के लिए शहरी क्षेत्रों में 69 अतिरिक्त एईआरओ भी लगाए गए हैं, जिनके योगदान से नगर निकाय और निर्वाचन कार्यालय के बीच बेहतर सामंजस्य की स्थिति बनी है।
सरकार ने इस पहल का स्वागत किया है और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने वाला कदम बताया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने भी शहरी मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए गुरुग्राम और अन्य शहरों में हाईराइज सोसायटियों में मतदान केंद्र बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इससे लोग बिना किसी परेशानी के मतदान करने घरों से निकलेंगे। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह केवल एक चुनावी रणनीति है और इसका वास्तविकता में कोई प्रभाव नहीं होगा। कुछ आलोचकों ने इसे कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने का एक तरीका बताया है, जबकि अन्य ने इसे पार्टी के भीतर अनुशासन और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने वाला कदम माना है।
भविष्य में, इस पहल के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने की उम्मीद है। नगर निकायों के पदाधिकारियों ने सुझाव दिया है कि कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और शहरी रैन बसेरों में रह रहे बेघर लोगों के बीच मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों में मतदाता पंजीकरण के कार्य में भी निकायों से सहयोग अपेक्षित है। इस प्रकार, शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की उदासीनता को दूर करने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें मतदाता जागरूकता अभियान, मतदान केंद्रों की स्थापना और नगर निकायों की सक्रिय भागीदारी शामिल है।










