गढ़वा जिले में बाल विवाह जैसी घातक सामाजिक कुरीति पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं ने संयुक्त रूप से दो दिवसीय अभियान चलाया। कल और आज जिले के विभिन्न संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी गई तथा जहां बाल विवाह की आशंका थी, वहां पहुंचकर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान स्थानीय लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, स्वास्थ्य जोखिमों और कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है जिसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। अभियान में बाल संरक्षण इकाई, पुलिस बल और स्वयंसेवी संगठनों ने मिलकर काम किया। आमजन से अपील की गई कि वे बाल विवाह की किसी भी सूचना पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें ताकि समय पर रोक लगाई जा सके।

यह अभियान जिले में बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हुआ। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन इस दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेगा और समाज के हर स्तर से सहयोग की उम्मीद है। अभियान के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ाने और कानूनी प्रक्रिया को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।










