🟣 जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक ने जिले के विभिन्न विद्यालयों का किया निरीक्षण
🟣 विद्यालयों के गुणवत्तापूर्ण संचालन हेतु दिए गए आवश्यक निर्देश
🟣 निरीक्षण के क्रम में गड़बड़ी पाए जाने वाले विद्यालयों के शिक्षकों/प्रधानाध्यापकों को किया गया स्पष्टीकरण
🟣 झारखंड शिक्षा परियोजना अंतर्गत बीपीओ/बीपीएम द्वारा भी विद्यालयों का किया गया निरीक्षण, दिए गये आवश्यक निदेश
उपायुक्त, गढ़वा अनन्य मित्तल से प्राप्त निर्देश के आलोक में आज दिनांक- 20 मई 2026 को जिला शिक्षा पदाधिकारी गढ़वा कैसर रजा एवं जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज के द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर पठन-पाठन तथा मुलभुत आवश्यक सुविधाओं की जाँच की गई।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा द्वारा सर्वप्रथम पी.एम.श्री उत्क्रमित उच्च विद्यालय जाटा, गढ़वा का निरीक्षण किया गया, जहां सभी शिक्षकों की उपस्थिति पाई गई, मीनू के अनुसार चावल, दाल एवं आलू पत्तागोभी की सब्जी बनाया गया था, पेयजल की सुविधा उपलब्ध थी परंतु शौचालय चालू स्थिति में नहीं पाए गए। निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि सहायक शिक्षक संजय कुमार दूबे, अशोक कुमार विश्वकर्मा, मीरा कुमारी, निर्मला कुमारी, रंजु कुमारी एवं राज कुमार मेहता द्वारा पाठ योजना संधारित नहीं किया जा रहा है। फलस्वरूप संबंधित शिक्षकों को पाठ योजना से संबंधित साक्ष्य के साथ प्रभारी प्रधानाध्यापक के माध्यम से अपना-अपना स्पष्टीकरण अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया तथा निरीक्षण तिथि को पाठ योजना संधारित नहीं करने वाले शिक्षकों का निरीक्षण तिथि का एक दिन का वेतन स्थगित किया गया। साथ ही प्रधानाध्यापक एवं सभी शिक्षकों को प्रतिदिन पाठ-योजना तैयार कर कक्षा संचालन करने की बात कही गई।
रा०कृत +2 उच्च विद्यालय मेराल का भी निरीक्षण किया गया, जिसमें सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी उपस्थित पाये गयें। विद्यालय में पेयजल की सुविधा उपलब्ध थी परंतु शौचालय चालू स्थिति में नहीं पाए गए एवं विद्यालय में काफी गंदगी पाई गई। साथ ही विद्यालय परिसर में अवस्थित कुछ भवन काफी जर्जर स्थिति में पाए गए, जिन्हें प्रधानाध्यापक को संबंधित कनीय अभियंता से समन्वय स्थापित कर आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए हटाने एवं विद्यालय में समुचित साफ सफाई एवं रंग रोगन कराने का निर्देश दिया गया।
इसी प्रकार उत्क्रमित उच्च विद्यालय कधवन, नगर उँटारी कवि निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में सभी शिक्षा एवं शिक्षा क्षेत्र कर्मी उपस्थित पाए गए, पेयजल के सुविधा उपलब्ध थे परंतु यहां भी शौचालय चालू स्थिति में नहीं पाई गई। एक अन्य मामले में विद्यालय के छात्र द्वारा प्रभारी प्रधानाध्यापक पर ट्रांसफर सर्टिफिकेट निर्गत करने के नाम पर अवैध राशि की वसूली की शिकायत उपायुक्त के समक्ष की गई थी, के संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा उक्त प्रभारी प्रधानाध्यापक को पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने एवं सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने तथा विद्यालय कार्यों का सुचारू रूप से संचालन करने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। निरीक्षण के क्रम में विद्यालय संचालन के लिए जिले के सभी विद्यालयों के लिए सामान्य निर्देश जारी किये गयें, जिसके फलस्वरूप विद्यालयों में निरीक्षण पंजी की व्यवस्था, शिक्षकों द्वारा पाठ्य योजना (लेसन प्लान) तैयार कर शिक्षण कार्य कराना, शिक्षकों की उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करना, यू-डायस प्लस पोर्टल में छात्र/छात्राओं का नामांकन सुनिश्चित करने, प्रोजेक्ट रेल परीक्षा का मासिक मूल्यांकन पंजी संधारित करने तथा उसकी प्रविष्टि ई-विद्यावाहीनी में दर्ज करने, विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने, विद्यायल में पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षण कार्य कराने, शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, शौचालय को नियमित क्रियाशील रखने, विद्यालय परिसर की नियमित रूप से साफ-सफाई कराने, विद्यार्थियों को विद्यालय पोशाक में ही उपस्थिति सुनिश्चित कराने, पुस्तकालय/प्रयोगशाला कक्ष सुसज्जित रखने एवं वर्ग कक्ष में प्रयाप्त मात्रा में प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
जिला शिक्षा अधीक्षक गढ़वा अनुराग मिंज द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया गया जिसमें मुख्य रूप से उत्क्रमित हाई स्कूल अखौरी तहले मंझिआंव एवं प्राथमिक विद्यालय दलको का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में प्राथमिक विद्यालय दलको के प्रधानाध्यापक पर विद्यालय व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चलाने, विद्यालय में गंदगी पाए जाने, बुनियादी सुविधाओं का अभाव होने एवं पठन-पाठन कार्य सुचारू रूप से नहीं चलाने के विरुद्ध स्पष्टीकरण किया गया।
झारखंड शिक्षा परियोजना गढ़वा अंतर्गत जिले के प्रखंड धुरकी, केतार, मेराल, बरडीहा, खरौंधी, मंझिआंव, कांडी एवं भवनाथपुर के बीपीओ/बीपीएम द्वारा अपने-अपने संबंधित क्षेत्र के विद्यालयों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ प्रखण्डों के विद्यालयों में माह-अप्रैल में ई०वी०वी० में छात्र उपस्थिति दर्ज नहीं किया गया था। बाल संसद एवं एस०एम०सी० का बैठक नियमित कराने तथा छात्र उपस्थिति में सुधार करने तथा मेन्यू के अनुसार एम०डी०एम० देने हेतु निदेशित किया गया। एम०डी०एम० में अतिरिक्त पोशाहार की राशि के अभाव के कारण रागी लड्डु देना बन्द पाया गया। विद्यालय में साफ-सफाई की कमी पायी गई। विद्यालयों में चहारदिवारी की आवश्यकता की बात कही गई। प्रयास कार्यक्रम का अभिलेख विद्यालयों में नहीं पाये जाने पर खेद व्यक्त करते हुए अभिलेख संधारित करने का निदेश दिया गया।










