- उपायुक्त की अध्यक्षता में NFSA, JSFSS एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न
- प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को गोदाम प्रभारी बनाने का दिया निर्देश
- जन वितरण प्रणाली की समीक्षा बैठक में लाभुकों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने पर जोर
- राइटफुल टार्गेटिंग, e-KYC एवं लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश
**************************************
गढ़वा। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जन वितरण प्रणाली एवं खाद्य सुरक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम, जिले के सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, जनसेवक तथा संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) एवं झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के अंतर्गत जून 2026 माह के खाद्यान्न उठाव (Lifting), डोर-स्टेप डिलीवरी (DSD) तथा वितरण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी लाभुकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए तथा वितरण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा के क्रम में NFSA एवं JSFSS के तहत जुलाई से सितंबर 2025 अवधि के नमक वितरण तथा सितंबर 2025 के चना दाल वितरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें तथा किसी भी प्रकार की शिकायत अथवा अनियमितता मिलने पर त्वरित कार्रवाई करें।

बैठक में राइटफुल टार्गेटिंग अभियान के अंतर्गत संदिग्ध आधार संख्या, 18 वर्ष से कम एवं 100 वर्ष से अधिक आयु वाले सदस्यों के सत्यापन, साइलेंट राशन कार्डधारियों तथा डुप्लीकेट लाभुकों की स्थिति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि अपात्र लाभुकों की पहचान कर सूची को अद्यतन किया जाए ताकि वास्तविक एवं पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
इसके अतिरिक्त राइटफुल टार्गेटिंग फेज-2, e-KYC की प्रगति, NFSA एवं JSFSS के अंतर्गत रिक्त एवं लंबित आवेदनों, AGRS तथा PGMS से प्राप्त शिकायतों के निष्पादन की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें तथा शिकायतों का समयबद्ध निवारण कर आमजन को बेहतर सेवा उपलब्ध कराएं।
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के निलंबित अनुज्ञप्तियों की समीक्षा एवं धान अधिप्राप्ति के विरुद्ध प्राप्त सीएमआर (CMR) की स्थिति पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सभी प्रक्रियाओं की नियमित निगरानी करने तथा शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त श्री मिश्रा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं जन वितरण प्रणाली से जुड़ी योजनाएं सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएं हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के माध्यम से ही जरूरतमंद एवं पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी प्रखंडों में संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSO) को ही गोदाम प्रभारी का दायित्व सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई प्रखंडों में जनसेवक, लिपिक एवं अन्य कर्मियों को गोदाम प्रभारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है, जिससे उनके मूल कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब जनसेवक, लिपिक एवं अन्य कर्मियों को गोदाम प्रभार से मुक्त कर उनके मूल दायित्वों के निर्वहन पर केंद्रित किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने बैठक में उपस्थित जिला आपूर्ति पदाधिकारी को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करते हुए सभी प्रखंडों में संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को ही गोदाम प्रभारी नियुक्त करने का निर्देश दिया।










