◆ उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री समिति (DCC) की प्रथम त्रैमासिक बैठक (2026-27) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की बैठक सम्पन्न
◆ वित्तीय समावेशन एवं विकास योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा
◆ जिले के समग्र प्रदर्शन को सुदृढ़ बनाने हेतु दिए निर्देश
समाहरणालय गढ़वा के सभागार में उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा के अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री समिति के प्रथम त्रैमासिक (2026-27) की समीक्षात्मक बैठक संपन्न की गई।
बैठक में उपायुक्त द्वारा पूर्व में दिए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई, जिसके उपरांत उन्होंने गढ़वा जिला अंतर्गत सभी बैंकों का सीडी रेशियो, वार्षिक साख योजना (एसीपी) 2026-27, केसीसी, पीएमईजीपी, एमएसएमई, पीएमएफएमई, जिले में एसीपी के अंतर्गत एनपीए की स्थिति, मुद्रा लोन, स्वयं सहायता समूह(SHG)/डेथ क्लेम सेटेलमेंट, आरसेटी, फिनांसियल इनक्लूजन, PMJDY, PMJJBY, PMSBY & APY, Loans to SC/ST समेत अन्य योजनाओं एवं विषयों को लेकर समीक्षा किया। बैठक में बैंकों को अच्छे प्रदर्शन करने को कहा गया एवं निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने हेतु निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने सभी बैंकों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने को कहा। उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए बैठक में उपस्थित सभी बैंकों के पदाधिकारियों को सरकार द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं यथा- पीएमईजीपी, केसीसी, मुद्रा ऋण समेत अन्य का लाभ अधिक से अधिक लाभुकों तक पहुँचाने हेतु सक्रियता से कार्य करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त श्री मिश्रा ने केसीसी एवं पीएम किसान को लेकर प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विभिन्न बैंकों एवं शाखाओं को पीएम किसान के लंबित आवेदन को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत करते हुए इसका पूर्णत: लाभ लाभुकों को दिलाने का निर्देश दिया।
किसानों के लिए केसीसी की प्रक्रिया सरल बनाने हेतु संबंधित बैंक के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया। बैठक के दौरान CD RATIO की समीक्षा की गई। जिला का CD RATIO वित्तीय वर्ष 2025-26 की चतुर्थ तिमाही की समाप्ति पर 42.96% था, जो अब बढ़कर 2026-27 की प्रथम तिमाही जून 2026 तक 49.12% हो गया है। बैठक के दौरान बताया गया कि डिस्ट्रिक्ट वाइज पोजीशन ऑफ सीडी रेश्यो में गढ़वा जिला का स्थान पूरे झारखंड में चौथे स्थान पर है।

इसके आधार पर उपायुक्त ने बेहतर/निराशाजनक प्रदर्शन करने वाले पाँच-पाँच बैंकों की तैयार की गई सूची के आधार पर, बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों यथा- उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, एसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक तथा एक्सिस बैंक की सराहना की।
वहीं दूसरी और बॉटम फाइव बैंक्स- पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया एवं इंडियन बैंक शामिल है, जिन्होंने सीडी रेश्यो में निराशाजनक प्रदर्शन किया है। पुअर परफॉर्मेंस करने वाले उक्त बैंकों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अपने कार्य प्रणाली में सुधार करने एवं दिए गए लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु बेहतर कार्य करने की बात कही गई, ताकि सीडी रेश्यो में बढ़ोतरी दर्ज की जा सके।
एसएलबीसी से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर गढ़वा जिले का क्रॉप लोन में वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही की जून 26 की समाप्ति पर 42.29% हो गया जो कि पूरे झारखंड में प्रथम स्थान पर है।
क्रॉप लॉन के तहत वार्षिक साख योजना 2026-27 की उपलब्धि की समीक्षा के दौरान बताया गया कि गढ़वा जिला को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए KCC का भौतिक लक्ष्य 26491 एवं वित्तीय लक्ष्य रु० 237 करोड़ निर्धारित किया गया है। वित्तीय लक्ष्य के विरुद्ध 2026-27 की प्रथम तिमाही जून 2026 तक में बैंको ने 42.29% की उपलब्धि हासिल की है।
गढ़वा जिला को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए Term loan का भौतिक लक्ष्य 27712 एवं वित्तीय लक्ष्य रु० 369 करोड़ निर्धारित किया गया है। वित्तीय लक्ष्य के विरुद्ध 2026-27 की प्रथम तिमाही जून’ 2026 तक में बैंको ने 41.11% की उपलब्धि हासिल की है। इस दौरान बैंको से अनुरोध है किया गया कि इस दिशा में और विशेष ध्यान दें ताकि 100% उपलब्धि प्राप्त किया जा सके।
PMFME में अबतक जिले में कुल 66 आवेदन विभिन्न बैंको को PMFME पोर्टल के माध्यम से भेजे गए है जिसमे 7 ऋण स्वीकृत एवं 4 वितरित किए गए है। इस सन्दर्भ में सभी सम्बंधित बैंको को निदेशित किया गया कि उक्त आवेदनों पर यथाशीघ्र विचार कर उनकी स्वीकृति/वितरण/निष्पादन करना सुनिश्चित करें।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की भी समीक्षा की गई एवं योजना से लाभुकों को आच्छादित करने में तेजी लाने का निदेश दिया। इसके अतिरिक्त बैठक के दौरान ACP (Annual Credit Plan) की प्रगति तथा लक्ष्य उपलब्धि की समीक्षा, PMEGP एवं PMFME योजनाओं की प्रगति, स्वीकृति एवं ऋण उपलब्धता, Financial Inclusion/Social Security Schemes under TFIIP की अद्यतन स्थिति, BC Outlets का संचालन विशेषकर ग्राम पंचायत भवनों में सेवाओं की उपलब्धता, बैंक रहित ग्रामीण केंद्रों (URC) में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता, SARFAESI मामलों की प्रगति और त्वरित कार्रवाई पर जोर, RSETI की समीक्षा, PM SWANIDHI, PMJDY, PMEGP, PMFME, Mudra Loan, Location change of CSP, गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना तथा स्वयं सहायता समूह (SHG) आदि की समीक्षा की गई।
उपायुक्त श्री मिश्रा एवं उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू ने सभी विभागों एवं बैंक अधिकारियों से अपेक्षा की कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुँच बढ़े, जिससे कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का शत-प्रतिशत कवरेज हो सके। उद्यमिता को भी बढ़ावा मिले और वित्तीय समावेशन के लक्ष्य निर्धारित समय सीमा में प्राप्त किए जाएँ। उन्होंने कहा कि “जिले का प्रदर्शन तभी उत्कृष्ट माना जाएगा जब लाभार्थी योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर प्राप्त करें और सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता सतत बेहतर होती रहे।
उक्त बैठक में उपरोक्त के अतिरिक्त जिला परिषद अध्यक्ष शांति देवी, माननीय सांसद एवं विधायक प्रतिनिधियों समेत भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि, डीडीएम नाबार्ड, जिला अग्रणी प्रबंधक, आरसेटी प्रभारी, जिला उद्योग केंद्र पलामू सह गढ़वा के पदाधिकारी, सभी बैंकों के प्रतिनिधि समेत अन्य संबंधित उपस्थित थें।










