- SIR-2026 में लापरवाही पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी की कड़ी कार्रवाई
- तीन प्रभारी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण, वेतन निकासी स्थगित करने का निर्देश
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गढ़वा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के तहत गढ़वा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 का कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं समय-सीमा के अनुरूप जारी है। वर्तमान में पुनरीक्षण के तहत प्राप्त दावा एवं आपत्ति की सुनवाई सहित अन्य संबंधित कार्यों का निष्पादन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण निर्वाचन कार्य में सभी बी.एल.ओ., बी.एल.ओ. पर्यवेक्षक एवं संबंधित पदाधिकारी-कर्मी अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। मतदाता सूची में पात्र नागरिकों का नाम शामिल करने तथा अपात्र नामों को नियमानुसार हटाने की प्रक्रिया में प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता, पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा द्वारा निर्वाचन कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
समीक्षा के क्रम में पुनरीक्षण कार्य में अपेक्षित गंभीरता एवं तत्परता नहीं बरते जाने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। 80-गढ़वा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, गढ़वा द्वारा ऐसे मामलों में संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए उनके वेतन निकासी को स्थगित करने की कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
इस कार्रवाई के दायरे में तीन प्रभारी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें बसंत कुमार पाण्डेय, जनसेवक-सह-प्रभारी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, मेराल, सुरेश चौधरी, पंचायत सचिव-सह-प्रभारी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, गढ़वा तथा मंगल यादव, पंचायत सचिव-सह-प्रभारी प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, चिनियाँ शामिल हैं।
संबंधित कर्मियों से पुनरीक्षण कार्य में बरती गई लापरवाही के संबंध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। साथ ही, उनके वेतन निकासी को स्थगित करने की कार्रवाई के अनुमोदन का अनुरोध किया गया है। प्रशासन द्वारा यह कदम निर्वाचन कार्य की गंभीरता एवं निर्धारित दायित्वों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
- *निर्वाचन कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं*
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता अथवा उदासीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य सीधे तौर पर नागरिकों के मताधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। इसलिए इस कार्य में संलग्न प्रत्येक पदाधिकारी एवं कर्मी को पूरी जिम्मेदारी, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना अनिवार्य है।
उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया है कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए पुनरीक्षण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना सुनिश्चित करें। कार्य में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी या कर्मी की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- *समयबद्ध जनसेवा और जवाबदेही प्रशासन की प्राथमिकता*
जिला प्रशासन ने कहा है कि सरकारी सेवकों की जिम्मेदारी केवल कार्यालयीन कार्यों के निष्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं उत्तरदायी जनसेवा उपलब्ध कराना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम एवं समयबद्ध जनसेवा की भावना के अनुरूप प्रशासनिक कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
विशेष गहन पुनरीक्षण जैसे कार्यों में समयबद्धता का विशेष महत्व है, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में नागरिकों के मताधिकार से संबंधित प्रक्रिया जुड़ी होती है। ऐसे में किसी भी स्तर पर कार्य में विलंब या लापरवाही से आम नागरिक प्रभावित हो सकते हैं।
जिला प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि *SIR-2026 के कार्य में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाएगी तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (People Representation Act) के सुसंगत धाराओं के तरह कठोर कार्रवाई की जायेगी।*










