- भारी वर्षा की चेतावनी को लेकर उपायुक्त ने की समीक्षा बैठक, 2 एवं 3 सितंबर को जिले के सभी स्कूल बंद रखने का निर्देश
- गढ़वा में भारी बारिश एवं संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, कंट्रोल रूम से लेकर राहत व्यवस्था तक तैयारियां तेज
- आपदा से निपटने को प्रशासन की व्यापक तैयारी, उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए सतर्कता एवं बचाव के निर्देश
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गढ़वा। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग (आपदा प्रबंधन प्रभाग), झारखण्ड, राँची द्वारा गढ़वा जिले में भारी वर्षा की चेतावनी जारी किए जाने के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। अत्यधिक वर्षा के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ एवं जलजमाव की संभावित स्थिति को देखते हुए पूर्व तैयारी एवं आवश्यक एहतियाती उपायों की समीक्षा हेतु दिनांक 01 सितंबर 2026 को उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म से ऑनलाइन माध्यम से बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा कुमार मयंक भूषण, आपदा विभाग के प्रभारी पदाधिकारी राजेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी जगन्नाथ लकड़ा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज सहित अन्य पदाधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे। वहीं जिले के अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
बैठक में उपायुक्त ने गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं होनी चाहिए। संभावित बाढ़ एवं जलजमाव की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया।
- *नदी, नालों एवं जलाशयों के समीप नहीं जाने की अपील*
उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि भारी वर्षा के दौरान नदी, नालों, जलाशयों एवं अन्य जलस्रोतों के समीप जाने से बचें। विशेष रूप से तटीय एवं निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने अंचल स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर सक्रिय रखने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सूचना प्राप्त होने के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे वर्षापात एवं जलजमाव की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों, अस्पतालों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर जलजमाव की समस्या को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया।
- *2 एवं 3 सितंबर को जिले के सभी स्कूल बंद रखने का निर्देश*
भारी वर्षा एवं संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को दिनांक 02 एवं 03 सितंबर 2026 तक जिले के सभी विद्यालयों को बंद रखने का निर्देश दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त अवधि में विद्यालयों में केवल गैर-शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन किया जाएगा। सभी शिक्षक एवं संबंधित कर्मी अपने-अपने विद्यालयों में निर्धारित समय पर उपस्थित रहेंगे तथा विद्यालय परिसर की सुरक्षा एवं आवश्यक व्यवस्थाओं का ध्यान रखेंगे।
- *राहत एवं बचाव के लिए पंचायत भवन और विद्यालय भवनों को तैयार रखने का निर्देश*
उपायुक्त ने ऑनलाइन माध्यम से जिले के सभी अंचल अधिकारियों से उनके-अपने क्षेत्रों में वर्षापात, जलजमाव तथा भारी वर्षा से उत्पन्न संभावित प्रभावों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम नागरिकों को यथासंभव आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूर्व से ही सभी तैयारियां पूरी रखें। उन्होंने किसी भी पदाधिकारी एवं कर्मी को अपने मुख्यालय से बाहर न जाने का निर्देश दिया।
उन्होंने निकटतम पंचायत भवनों एवं विद्यालय भवनों को दुरुस्त एवं उपयोग योग्य स्थिति में रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर ठहराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही संभावित आवश्यकता को देखते हुए खाद्य सामग्री एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
- *माइकिंग के माध्यम से लोगों को किया जाएगा जागरूक*
पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने सभी अंचल स्तर पर माइकिंग के माध्यम से आम लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा एवं संभावित बाढ़ को देखते हुए लोगों को लगातार सावधान एवं सतर्क किया जाए तथा नदी, नालों एवं जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की जानकारी दी जाए।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को संभावित आपात स्थिति के लिए सार्वजनिक स्थलों को पहले से चिन्हित करने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को वहां सुरक्षित रूप से आश्रय दिया जा सके।
- *स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने का निर्देश*
बैठक में सिविल सर्जन को जिले के सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रखने तथा आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था को तैयार एवं अलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया गया। आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रत्येक परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि भारी वर्षा के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, जलजमाव वाले स्थानों एवं नदी-नालों के समीप जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं चेतावनियों का पालन करें। सावधानी एवं सतर्कता ही संभावित आपदा से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।










