◆ उपायुक्त ने जनसुनवाई के माध्यम से सुनी आमजनों की समस्याएं
◆ प्राप्त शिकायतों के समाधान हेतु संबंधित पदाधिकारियों को किया निदेशित
उपायुक्त गढ़वा पशुपति नाथ मिश्रा ने आज समाहरणालय सभागार में जनसुनवाई का आयोजन किया। जनसुनवाई में आए फरियादियों की समस्याएं बारी-बारी से सुनी गई एवं उसके निष्पादन हेतु उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया। आज के जनसुनवाई में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन, बकाया मजदूरी भुगतान समेत अन्य समस्याओं को लेकर उपस्थित हुए आमजनों की समस्याओं को उपायुक्त द्वारा गंभीरता से बारी-बारी सुनी गई एवं यथाशीघ्र उनके समस्याओं के निराकरण करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निदेशित किया गया।
उक्त जनसुनवाई में नगर ऊंटारी प्रखंड के सलसलादी निवासी सीमा देवी ने आवेदन समर्पित करते हुए सलसलादी स्थित स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सहिया के खाली पड़े पद पर कार्य करने की इच्छा जताई है। उन्होंने बताया कि वह गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वाली बीपीएल कार्ड धारी महिला हैं तथा स्वास्थ्य विभाग के कार्यों में रुचि रखती हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता बीए ऑनर्स है। अतः उन्होंने स्वास्थ्य सहिया के खाली पड़े पद पर कार्य करने की स्वीकृति देने का अनुरोध किया है।

भवनाथपुर प्रखंड के बुका निवासी शशिकांत यादव ने अभिलेखागार कार्यालय से आवेदन के माध्यम से मांगी गई संबंधित भूमि का नक्शा एवं नकल नहीं देने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि नगर-भवनाथपुर-पाचाडुमर सड़क निर्माण में अधिग्रहित किए गए भूमि का नक्शा एवं नकल की प्राप्ति हेतु उन्होंने जिला अभिलेखागार गढ़वा में कई बार आवेदन किया परंतु अभी तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने अपने आवेदन में पूर्व में की गई सभी आवेदनों की छायाप्रति संलग्न करते हुए सड़क निर्माण में ली गई भूमि का नक्शा एवं नकल दिलाने का आग्रह किया।
संगीता देवी एवं सीमा देवी ने केतार प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय ताली में रसोईया चयन में अनियमितता बरतने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि रसोईया चयन में समिति के 16 सदस्य हैं परंतु पांच सदस्य के द्वारा ही चयन प्रक्रिया अपना ली गई एवं शेष को कोई सूचना नहीं है। अतः उन्होंने मामले की जांच कराते हुए पुन: रसोइया चयन की प्रक्रिया अपनाने की मांग की है।

रमकंडा प्रखंड के बिराजपुर पंचायत निवासी मुंशी महतो समेत अन्य ग्रामीणों ने रमकंडा प्रखंड के बिराजपुर पंचायत अंतर्गत दुर्जन टोला-बैरियादामर मैं लगभग 2 किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क में वन विभाग द्वारा मिट्टी मोरम का कार्य कराने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त सड़क वन विभाग के अंतर्गत होने के चलते किसी अन्य योजना के तहत सड़क का मरम्मति कार्य नहीं हो सका है। उक्त सड़क से लगभग 200 परिवार प्रभावित है। स्वास्थ्य सेवाओं के कारण आवागमन, बच्चों को स्कूल जाने एवं बाजार करने वाले ग्रामीणों को बरसात के दिनों में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अत: ग्रामीणों ने वन विभाग के द्वारा ही उक्त सड़क में मिट्टी मोरम का कार्य कराने की मांग की है।
इसी प्रकार जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए शेष अन्य लोगों ने भी अपनी-अपनी समस्याओं को बारी-बारी से उपायुक्त के समक्ष रखा। आमजनों से प्राप्त शिकायतों के समाधान हेतु उपायुक्त श्री मिश्रा द्वारा संबंधित पदाधिकारीयों को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही संबंधित विभागों के कार्यालय प्रधान को संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ आमजनों से प्राप्त शिकायतों व समस्याओं को निष्पादित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गयें।










