रांची : IPRD में न्यूज चैनल, न्यूज पोर्टल और यूट्यूब चैनल का सत्यापन करने के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में एक पीआईएल दायर किया गया है। ये पीआईएल तीरथ नाथ आकाश ने 23 मई 2023 को दायर किया है। जिसपर अब सुनवाई होनी है। वहीं पूरे मामले पर रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजय मिश्र ने पुलिस महानिदेशक अजय कुमार सिंह झारखंड को एक पत्र के माध्यम से उपरोक्त घटना की जानकारी देते दी है।

बता दें कि 3 मई 2023 को पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा की ओर से रांची सहित सभी जिलों के लिए एक अधिसूचना जारी किया गया था। जिसमें निर्देश दिया गया था कि जितने भी न्यूज चैनल, न्यूज पोर्टल और यूट्यूब चैनल है उसे आईपीआरडी से सूचिबद्ध होना अनिवार्य है। ऐसा नहीं होने पर उन चैनलों को खिलाफ जांचोपरांत विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

उठ रहे कई सवाल
अब सवाल यह भी उठता है कि झारखंड के पुलिस मुख्यालय को इस बात का पता कैसे चला कि आईपीआरडी में सूचीबद्ध होना इस बात की गारंटी है कि फलां अखबार, चैनल या पोर्टल ही मान्यता प्राप्त है। और उनके यहां काम करनेवाले पत्रकार ही सिर्फ पत्रकार है। बांकी सब फर्जी हैं। क्योंकि आईपीआरडी में सूचीबद्ध नहीं हैं।

सिटी एसपी ने रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजय मिश्र को पत्र के माध्यम से बुलाया, अध्यक्ष ने जाने से किया इनकार
इसके बाद रांची के पुलिस अधीक्षक नगर कार्यालय से 18 मई 2023 को, रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजय मिश्र को अपने कार्यालय बुलाया, लेकिन उन्होंने जाने से इनकार कर दिया। पत्र का ज्ञापांक संख्या 737/गो.(नगर) है, रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजय मिश्र को एक पत्र संप्रेषित किया गया। विषय था – गैर सूचीबद्ध न्यूज चैनल/यूट्यूब न्यूज चैनल/न्यूज पोर्टल का सत्यापन करने के संबंध में। पत्र के माध्यम से अध्यक्ष को सूचित किया गया था कि झारखण्ड में ऐसे कई यूट्यूब न्यूज चैनल/न्यूज पोर्टल/न्यूज एप/इंटरनेट वेबसाईट है जो सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग (आईपीआरडी) से सूचीबद्ध नहीं है।
आरपीसी में ही खुलकर हो वार्ता
इस तरह के चैनल में चार-पांच लोग काम करते हैं एवं उक्त चैनल का आईडी धारण कर क्षेत्र में भ्रमणशील रहते हैं। इनका कोई भी पंजीकृत कार्यालय नहीं होता है। ये लोग अपने आप को चैनल का पत्रकार एवं संपादक बताते हुए विधि व्यवस्था/शांति व्यवस्था संधारण हेतु ड्यूटी पर तैनात पदाधिकारियों पर दबाव भी डालने का प्रयास करते है। इनके द्वारा कई बार भ्रामक/गलत ढंग से खबरों को प्रकाशित करने की बात सामने आई है।
अतएव उक्त परिप्रेक्ष्य में विषयांकित विषय पर विचार-विमर्श हेतु अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय कक्ष में दिनांक 19 मई 2023 को 11 बजे पूर्वाह्न में उपस्थित होने का कष्ट किया जाय। लेकिन आरपीसी अध्यक्ष संजय मिश्र एसपी कार्यालय नहीं गये। संजय मिश्र ने कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर वे सिटी एसपी कार्यालय क्यों जाएं? अच्छा रहेगा कि उक्त पुलिस पदाधिकारी ही रांची प्रेस क्लब में अपनी अपनी सुविधानुसार उपस्थित हो और आरपीसी में ही खुलकर वार्ता हो।

संजय मिश्र ने डीजीपी को लिखा पत्र
इस पूरे मामले पर रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजय मिश्र ने पुलिस महानिदेशक अजय कुमार सिंह झारखंड को एक पत्र के माध्यम से उपरोक्त घटना की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस की ओर से कथित तौर पर फर्जी पत्रकारों को चिन्हित करने का अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का आधार यह बनाया जा रहा है कि जो पत्रकार या संस्था आईपीआरडी की ओर सूचिबद्ध नहीं है वो फर्जी है। पत्र में ये भी बताया गया है कि फर्जी पत्रकारों के कारण विधि व्यवस्था में संधारण में परेशानी होती है, और कथित तौर पर फर्जी पत्रकार पुलिस पर दबाव बनाते हैं। इस पत्र के आलोक में सही मायने पत्रकारिता करने वाले बहुत सारे पत्रकारों को लेकर शंका स्थिति उत्पन्न हुई है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
पत्रकारों में आक्रोश, अधिसूचना पर उठा रहे सवाल
बता दें कि इस पूरे घटनाक्रम से पत्रकारों में आक्रोश है और पुलिस मुख्याय के इस अधिसूचना पर सवाल उठा रहे हैं। रांची में कई पत्रकारों के समूह ने रांची प्रेस क्लब से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने और राज्य सरकार के समक्ष आक्रोश प्रकट करने की बात कही है। कई पत्रकारों का कहना है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस पर स्वयं संज्ञान लेना चाहिए।









