रांची : देश का सबसे बड़ा झारखंड हाईकोर्ट भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर दिया है। राष्ट्रपति को चीफ जस्टिस ने मोमेंटो देकर स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत रुप से हुई। इस समारोह में सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अनिरुद्ध बोस, झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा समेत कई न्यायाधीश और अधिवक्ता मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह के लिए 2000 से अधिक लोगों को आमंत्रित किया गया।
सुप्रीम कोर्ट के कैंपस से साढ़े तीन गुणा बड़ा
झारखंड हाईकोर्ट का कैंपस सुप्रीम कोर्ट के कैंपस से साढ़े तीन गुणा बड़ा हैं। न्यू ग्रीन कैंपस में विभिन्न प्रजातियों के लगभग 2000 पौधे लगाये गये हैं। आधिकारिक रूप से भवन निर्माण विभाग ने झारखंड की नये हाईकोर्ट बिल्डिंग को पूरा कर लिया है। रांची में धुर्वा के तिरिल मौजा में 72 एकड़ में हाई कोर्ट के नए भवन बना है।

600 करोड़ की लागत से बना झारखंड हाईकोर्ट का नया भवन
बता दें कि हाई कोर्ट के नये भवन का शिलान्यास सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर ने 9 फरवरी 2013 को किया था, लेकिन बिल्डिंग का निर्माण 18 जून 2015 से शुरू किया गया। लगभग 600 करोड़ की लागत से आठ वर्षों में हाईकोर्ट का नया भवन तैयार हुआ हैं। कैंपस में वकील और मुवक्किलों के 2000 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गयी है। वहीं न्यायाधीशों के वाहनों के लिए मेंब्रेन रूफ केनोपी वाले पार्किंग की अलग व्यवस्था की गयी है। हाई कोर्ट की नयी बिल्डिंग में चीफ जस्टिस का कोर्ट रूम सबसे अंतिम हिस्से में बनाया गया हैं। इस कोर्ट रूम का क्षेत्रफल अन्य कोर्ट रूम से सबसे अधिक है। यह कोर्ट रूम 80 फीट लंबा, 65 फीट चौड़ा व 40 फीट ऊंचा हैं।
हाईकोर्ट परिसर में 30,000 वर्गफीट की लाइब्रेरी
मुख्य बिल्डिंग में 25 भव्य और आकर्षक वातानुकूलित कोर्ट रूम बन कर तैयार हो गये हैं। 24 न्यायाधीशों के लिए तथा एक मुख्य न्यायाधीश के लिए कोर्ट रूम बनाया गया है। प्रथम तल पर दाये-बायें छह-छह कुल 12 कोर्ट रूम बनाये गये हैं। जजों के एक कोर्ट की लंबाई 45 गुना 30 फीट है। इतने ही कोर्ट रूम द्वितीय तल पर बनाये गये हैं। हर कोर्ट रूम में इजलास, न्यायाधीश का चौंबर, एंटी रूम और टायलेट और पीए का कमरा बनाया गया है। नये भवन में न्यायाधीशों के लिए अलग से लाइब्रेरी की व्यवस्था की गयी है। इसमें कानून से संबंधित लगभग पांच लाख किताबों को रखने की आधुनिक व्यवस्था की गयी हैं।
झारखंड हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग में सौर उर्जा
झारखंड हाईकोर्ट के नए भवन में सौर ऊर्जा का भी बेहतरीन प्रयोग दिखने को मिलेगा। पूरे क्षेत्र में लगभग 60 प्रतिशत बिजली की आपूर्ति सौर ऊर्जा से ही होगी। पार्किंग के क्षेत्रों में 2000 केवीए का सोलर पावर प्लांट लगाया जा रहा है। इसके अलावा पावर बैकअप देने के लिए 2000 केवी का जेनरेटर भी लगाया गया है, जिसमें 1500 केवी का एक और 500-500 केवी की क्षमता वाले दो जेनरेटर हैं।









