पटना : नए संसद भवन का उद्घाटन कल यानी 28 मई को होना है। ऐसे में कांग्रेस समेत अधिकतर विपक्षी दलों ने विरोध जताया है। इसी क्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि जब नए संसद भवन का निर्माण शुरू हुआ था, तब से ही मुझे ठीक नहीं लग रहा था। इसकी जरूरत नहीं थी। ये लोग पूरे इतिहास को बदलने में तूले हुए हैं।
इतिहास को किया जा रहा खत्म
मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि अपने इतिहास को खत्म किया जा रहा है। यह कहीं से सही नहीं है। जो पुराना संसद भवन है, उसी को विस्तृत कर देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि नया संसद बनाने की कोई जरूरत नहीं थी। जो शासन कर रहे हैं, वह पूरे इतिहास को बदल देंगे। आजादी के लड़ाई को बदलना चाहते हैं। यह लोग इतिहास को मानने वाले नहीं हैं। हम सभी चीज को मानते हैं।
आजादी की लड़ाई के बदलना चाहती है सरकार
उद्घाटन समारोह का विपक्षी दलों द्वारा विरोध किए जाने पर नीतीश ने कहा कि खैर और पार्टियां कह रही हैं कि वो राष्ट्रपति को नहीं बुलाने की वजह से नहीं जा रही है। वो जो भी कारण हैं, लेकिन हमको लगता कि इसकी क्या जरूरत थी अलग से बनाने की। तो बिल्डिंग थी उसी को ठीक करते, जो इतिहास है उसे भुला देंगे क्या? आप जान लीजिए कि जो आजकल शासन में हैं वो सारे इतिहास को बदल देंगे। आजादी की लड़ाई के इतिहास को बदल देंगे। जो पहले पीएम थे नेहरू जी, उनकी मौत के समय हम स्कूल में पढ़ रहे थे। हम मानते हैं कि देश का जो इतिहास है वो बहुत आवश्यक है। नया बनाने की क्या जरूरत थी। इन लोगों को तो पूरा इतिहास बदलना है, इसलिए बदल रहे हैं।
2000 के नोट बैन पर क्या बोले सीएम नीतीश ?
वहीं 2000 के नोट खुद चालू करते हैं और अब फिर बंद कर देते हैं। जब 1000 का नोट लेकर आएं। वह भी इन्होंने बंद कर दिया। यह लोग क्या करते हैं उनको खुद पता नहीं होता है। सब के अधिकार को यह सरकार छीन रही है। प्रेस की आजादी भी धीरे-धीरे कम की जा रही है। तीन से चार सालों में प्रेस की आजादी कम हो गई है।
विधानसभा के विस्तृत भवन का उद्घाटन का विरोध भाजपा के नेताओं के करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब हमारे साथ ही थे और हमने तो विधानसभा के विस्तृत भवन का उद्घाटन किया था। तब यह लोग हमारे साथ थे। उस समय इस फैसले का विरोध नहीं किया।









