रांची : लोकसभा चुनाव 2024 से पहले झारखंड कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। झारखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को लेकर एक बार फिर से दिल्ली दरबार में गहमगमी तेज हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय व पार्टी के कद्दावर नेता को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। वह गैर आदिवासी चेहरे में सबसे कद्दावर नेता है। इसलिए हो सकता है कि चुनाव से पहले पार्टी उन्हें प्रदेश की कमान सौंप सकते हैं। लेकिन इसके बारे में पार्टी की ओर से अभी कोई बयान नहीं आया है।
बता दें कि अभी कई गुुट में झारखंड कांग्रेस बट चुकी है। रह-रह कर विवाद सामने आता ही रहता है। ऐसे में सुबोधकांत सहाय को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। क्योंकि उनका पार्टी में सभी गुटों से तालमेल अच्छा है। वे सभी को एकसाथ लेकर चल सकते हैं। ऐसे में चुनाव से पहले झारखंड कांग्रेस में फेरबदल हो सकती है।
दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के साथ सुबोधकांत की बैठक
हालांकि, सूचना है कि सुबोधकांत सहाय को पार्टी केंद्रीय टीम में शामिल कर किसी राज्य का प्रभारी बना सकती है। सुबोध कांत सहाय को पार्टी महासचिव बनाने की तैयारी में है। पिछले दिनों इनको केंद्रीय नेतृत्व ने दिल्ली बुलाया था। आला नेताओं से इनकी लंबी चर्चा हुई थी। कांग्रेस के गलियारे में चर्चा है की सुबोध कांत को बड़ी जिम्मेवारी देने की तैयारी में केंद्र जुटा है।
झारखंड-बिहार सहित कई राज्यों में फेरबदल
सेंट्रल कांग्रेस कमिटी द्वारा झारखंड-बिहार सहित कई राज्यों के संगठन में फेरबदल किया जा सकता है। इस संबंध मे केंद्रीय नेतृत्व तैयारी कर रहा है, जिसके तहत फिलहाल 9 राज्यों में प्रभारी व प्रदेश अध्यक्ष का चेहरा बदल सकता है। यह बदलाव अगले साल होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव के मद्देनजर किया जा रहा है।
प्रदेश के कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं से लिये जा रहे हैं फीडबैक
झारखंड कांग्रेस में भी अब कई गुट बन चुके है और रह-रह कर विवाद सामने आता रहता है। वहीं राजनीतिक जानकारों की मानें तो ये होने वाले चुनावी दंगल के लिए सही नहीं है। बताते चले कि प्रदेश के कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं से भी इस संबंध में फीडबैक लिये जा रहे हैं। वहीं प्रदेश के बड़े नेता भी दिल्ली में अपना-अपना खूंटा मजबूत करने के लिए केंद्रीय नेताओं के पास अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में झारखंड कांग्रेस के आधा दर्जन से ज्यादा नेता
खबर आ रही है कि झारखंड कांग्रेस के आधा दर्जन से ज्यादा नेता प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में हैं। इससे पहले इस दौड़ में पश्चिम सिंहभूम की सांसद गीता कोड़ा सबसे आगे थीं, लेकिन आने वाले दिनों में उनकी राजनीतिक परिस्थिति क्या होगी इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।










