धनबाद : गोविंदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत परासी पंचायत में लगातार विवाद में रहे केजीएस एलएलपी स्प्रिट कंपनी चल रहे निमार्ण कार्य में कभी नियोजन नीति तो कभी मजदूर की हत्या के विवादों में रही है। 11 जून को निरसा थाना क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिला था जिसकी सिनाख्त नहीं हो पाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कागजी कार्रवाई कर शव को निरसा जोरिया में दफन कर दिया था। जो मीडिया में चले खबर की जानकारी बाघमारा प्रखंड डुमरा पंचायत प्रमिला देवी को शव की तस्वीर से लापता पति महेश महतो के रूप में अज्ञात शव पुष्टि हुई।
इसके बाद कहानी की रुख ही बदल गई। महेश महतो गोविंदपुर के परासी केजीएस एलएलपी स्प्रिट निर्माण चल रहे कार्य में कपनी में कार्यरत थे। जो 11 जून से लापता थे। लापता महेश महतो की खबर कंपनी के ठेकेदार ने घरवालों को दो दिन बाद दिया था। परिजनों को आशंका है कि ये हत्या है। जिसे मारकर तेतुलिया नेशनल हाईवे कोलकाता रोड बंद पेट्रोल के झाड़ियों के पास पुलिस को एक गंजी और गमछा पहना शव मिला था। लेकिन महेश का बैग पेंट शर्ट सारा कंपनी के मजदूर गृह में ही था।
परिजनों ने फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर दिया धरना
फैक्ट्री से करीब 4 किलो मीटर दूर शव मिलने से मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप कंपनी पर लगाया। जब शव की शिनाख्त हो गई तब निरसा थाना के प्रकरण में मेजिस्ट्रेट की उपिस्थिति में शुक्रवार को जोरिया में गड़े मुर्दे को निकाला गया। परिजन को रविवार को कागजी कार्यवाही के बाद शव को सौंपा गया। वहीं परिजन शव को लेकर गोविंदपुर परासी केजीएस एलएलपी स्प्रिट फैक्ट्री पहुंचे और फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर शव को रख कर ग्रामीण एकता मंच के सहायता से धरना पर बैठ गए।
वार्ता के बाद मिला 6 लाख रुपए और पेंशन
ग्रामीण एकता मंच के द्वारा रविवार को मृतक महेश महतो की पत्नी प्रमिला देवी को न्याय दिलाने का काम किया। ग्रामीण एकता मंच के मनोज हाड़ी, शरीफ अंसारी और ग्रामीण एकता मंच के सभी सदस्यों ने मिल कर कंपनी से वार्ता की। वार्ता के बाद प्रमिला देवी को नगद 6 लाख और पेंशन की हक दिलाई। वर्तमान स्थिति को देखने के बाद पेंशन की राशि तय नहीं हुई। लिखित में लिया गया की कंपनी से पेंशन उतनी होगी जितने में प्रमिला सहित दो बेटों की पढ़ाई के साथ-साथ भरण पोषण हो सके।










