- पर्यटन विकास को मिलेगी नई गति: उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्धन परिषद की बैठक संपन्न
- जिले के 27 पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर हुई व्यापक चर्चा
गढ़वा जिले में पर्यटन की संभावनाओं को नई दिशा देने तथा अधिसूचित पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों के समग्र विकास को गति प्रदान करने के उद्देश्य से उपायुक्त गढ़वा पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्धन परिषद (DTPC) की महत्वपूर्ण बैठक समाहरणालय स्थित उनके कार्यालय वेश्म में संपन्न हुई। बैठक में परिषद के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लेते हुए जिले में पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों एवं सुझावों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया।

बैठक में प्राप्त योजना प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए ब्रह्म स्थान, लगमा खजूरी में विवाह मंडप एवं शौचालय निर्माण कराने का निर्णय लिया गया। वहीं गढ़वा स्थित रामलला मंदिर में पार्क, विवाह मंडप एवं शौचालय निर्माण हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। इसके अतिरिक्त माँ गढ़देवी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय निर्माण कराने पर सहमति बनी।
पर्यटन स्थलों के उन्नयन की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सतबहिनी झरना मंदिर एवं अन्नराज डैम को पर्यटन श्रेणी ‘बी’ से ‘ए’ में अपग्रेड करने का प्रस्ताव पारित किया गया, जिससे इन स्थलों के विकास एवं संसाधनों में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।

बैठक में जिले के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान राजा पहाड़ी शिव मंदिर, श्री बंशीधर नगर मंदिर, गुरु सिंधु जलप्रपात, खोनहरनाथ मंदिर, श्री बंशीधर मंदिर के समीप छठ घाट, बीरबंधा खजूरी डैम, चटनियां डैम केतार, मथुरा बांध, सतबहिनी जलप्रपात, जिरुआ डैम, सुखलदरी जलप्रपात, नक्षत्र वन, बंडा पहाड़ एवं सरूअत पहाड़ सहित जिले के लगभग 27 पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण तथा पर्यटक सुविधाओं के विस्तार से संबंधित योजनाओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिला पर्यटन संवर्धन परिषद (DTPC) के गठन, सोसायटी निबंधन एवं मॉडल बाईलॉज के अनुपालन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही परिषद के शासी निकाय एवं कार्यकारिणी समिति के गठन, गैर-सरकारी सदस्यों के नामांकन तथा अन्य आवश्यक प्रशासनिक अनुमोदनों के संबंध में विचार-विमर्श किया गया।
परिषद ने पूर्व में गठित जिला पर्यटन संवर्धन समिति एवं अन्य एजेंसियों द्वारा संचालित पर्यटन योजनाओं, परिसंपत्तियों, अभिलेखों, उपलब्ध निधियों एवं संबंधित दायित्वों को DTPC को विधिवत हस्तांतरित (हैंडओवर) करने के संबंध में भी आवश्यक निर्णय लिए।
पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पेयजल, शौचालय, साइनेज, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, स्वच्छता एवं सुरक्षा जैसी आधारभूत सुविधाओं के विकास एवं नियमित अनुरक्षण हेतु कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी।
बैठक में जिले का पर्यटन कैलेंडर तैयार करने तथा पर्यटन महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम, फूड फेस्टिवल, एडवेंचर गतिविधियों एवं अन्य पर्यटन संवर्धन कार्यक्रमों के आयोजन की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही सांसद निधि, विधायक निधि, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR), जनभागीदारी एवं अन्य स्रोतों के माध्यम से वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की रणनीति पर भी विचार किया गया।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने जिले के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को भी पर्यटन स्थल के रूप में अधिसूचित करने तथा विभिन्न अधिसूचित पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं के विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया।
उपायुक्त ने कहा कि गढ़वा जिला प्राकृतिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। पर्यटन स्थलों का सुनियोजित विकास न केवल जिले की पहचान को नई ऊंचाई प्रदान करेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार सृजन एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने संबंधित विभागों को सभी प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, पुलिस उपाधीक्षक यशोधरा, जिला खेल पदाधिकारी दिलीप कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार, गढ़वा, भवनाथपुर एवं विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्रों के विधायक प्रतिनिधिगण, विभिन्न अभियंत्रण विभागों के कार्यपालक अभियंता तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।










