तिसरी (गिरिडीह) : तिसरी प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय के मात्र दो कमरे में 300 बच्चों की पढ़ाई होती है। जिसके कारण बच्चों के शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। शिक्षक भी दो कमरे में बच्चों को पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। वहीं स्कूल के निर्माण में प्रशासन भी रूचि नहीं ले रही है।
क्या है मामला
दरअसल, जिस जमीन पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय है वो काफी विवादित था। विवादित जमीन पर बने स्कूल को लेकर मामला भी दर्ज हुआ। इसके बाद यह मामला झारखंड हाईकोर्ट पहुंचा। झारखंड हाईकोर्ट में भी कई बार मामले की सुनवाई हुई। एक साल पहले अदालत ने सुनवाई करते हुए फैसला स्कूल के पक्ष में सुनाया और निर्माण के लिए जिला प्रशासन व स्थानीय अंचल को आदेश दिया कि विद्यालय के चारदीवारी का कार्य तेजी से करे।
ग्रामीणों ने बैठक कर प्रशासन के खिलाफ व्यक्त की नाराजगी
हाईकोर्ट के द्वारा दिए गए फैसले एक साल हो गए लेकिन जिला प्रशासन व स्थानीय अंचल के द्वारा स्कूल या चारदीवारी कार्य आज तक नहीं हो पाया। इसको लेकर रविवार को ग्रामीणों ने बैठक कर शासन प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित माले के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने ग्रामीणों की सहमति के बाद एलान किया कि यदि आगामी 5 जुलाई तक जिला प्रशासन स्कूल की चारदीवारी का कार्य शुरू नहीं की तो अंचल तिसरी के सामने डेरा डालो घेरा डालो आंदोलन की जाएगी।
माले के पूर्व विधायक ने प्रशासन से पूछे सवाल
राजकुमार यादव ने कहा कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय में तीन सौ बच्चों की पढ़ाई मात्र दो कमरे में की जाती है। इतनी संख्या में बच्चों को दो कमरे में पढ़ाने से शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्कूल के नाम पर तीन एकड़ 45 डिसमिल जमीन रहने के बाद भी स्कूल का विस्तार आज तक नहीं हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। स्कूल के पक्ष में हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद भी पुलिस प्रशासन आखिर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं। क्या बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ की जा रही है।
हाईकोर्ट से फैसला के बाद स्कूल के चारदीवारी की कार्य के लिये जिला प्रशासन ने योजना भी पारित की। स्कूल के चारदीवारी के लिये चारो तरफ ट्रेंच काट कर कुछ माह पूर्व संवेदक रामावतार यादव द्वारा घेराव कार्य किया जा रहा था, लेकिन दूसरे पक्ष के लोगों ने जमकर विरोध किया। जिसके बाद घेराव कार्य रोक दिया गया। जिसकी सूचना तिसरी थाना, अंचल व जिला प्रशासन को दी गई।
आश्वासन के बावजूद नहीं शुरू हुआ कार्य
खोरीमहुआ अनुमंडल पदाधिकारी धिरेन्द्र सिंह घटना स्थल पहुंच कर शीघ्र ही विकास कार्य शुरू करवाने का आश्वासन दिया। पीड़ित पक्ष को लगा की हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं होने से उक्त मामला ठंडा बस्ता में चला गया। बैठक में माले नेता जयनारायण यादव, श्याम बिहारी सिंह, दशरथ यादव, चुटर यादव, सावित्री देवी, रीना देवी, नारायण शर्मा, प्रकाश शर्मा, लक्ष्मण यादव, अमृत यादव, चंद्रदेव यादव, सकलदेब यादव आदि कई ग्रामीण मौजूद थे।









