रांची : टेरर फंडिंग मामले में होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप की एक बार फिर मुश्किलें बढ़ने वाली है। एनआईए के बाद ईडी ने जेल में बंद दिनेश गोप से पूछताछ कर चुकी है। जिसमें उसने कई खुलासे किये हैं। अब दिनेश गोप की पत्नी शकुंतला देवी से भी ईडी के अधिकारी पूछताछ करेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निवेश को लेकर ईडी दिनेश गोप की पत्नी शकुंतला देवी से जानकारी लेना चाहेगी।
शेल कंपनियों में खपाया करोड़ों रुपए
बता दें कि पूछताछ के दौरान दिनेश गोप ने बताया था कि उसे लेवी में करोड़ों रुपये मिले, जिसे शेल कंपनियों व व्यवसायियों की मदद से खपाया। वह अपना भविष्य सुरक्षित करने के लिए कुछ व्यवसायियों का सहयोग ले रहा था। पर्दे के पीछे से वह इनकी मदद करता था। उसका मानना था कि व्यवसाय में लाभ होगा तो उसका शेयर भी भविष्य में मिलेगा। हालांकि, उसे इसमें सफलता नहीं मिली। वर्ष 2018 में NIA ने टेरर फंडिंग मामले में उसपर केस किया।
उसके बाद से लेवी-रंगदारी के जरिए कमाई गई संपत्ति की पहचान व उसकी जब्ती की कार्रवाई हुई। रांची में इटकी रोड में ब्रिजमीना अपार्टमेंट स्थित दिनेश गोप के फ्लैट व एदलहातू स्थित आवास की पूर्व में जब्ती हो चुकी है। इनकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये की थी। पुलिस ने दिनेश गोप के बनाए कुछ स्कूल भी जब्त की थी।
इन शेल कंपनियां को संचालित कर रहा था दिनेश गोप
NIA की पूछताछ में दिनेश गोप ने यह स्वीकार किया था कि उसकी निगरानी में ही शेल कंपनियां संचालित हो रही थीं। मेसर्स भाव्या इंजीकान प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स शिव आदि शक्ति मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स शक्ति समृद्धि इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, पलक इंटरप्राइजेज ऐसी शेल कंपनियां हैं, जिसका संचालन दिनेश गोप के पारिवारिक सदस्य व सहयोगी कर रहे थे, जिनका एनआईए ने पता लगाया।
दिनेश गोप की पत्नी शकुंतला देवी ने सहयोगी के साथ कंपनियों का किया संचालन
दिनेश गोप की पत्नी शकुंतला देवी ने एक अन्य सहयोगी सुमंत कुमार के साथ इन कंपनियों का संचालन किया। इसमें दिनेश गोप के कहने पर ही दूसरी पत्नी गीता भी जुड़ी। दिनेश गोप को मिले लेवी-रंगदारी के रुपयों का निवेश व वैध बनाने की कवायद इन्हीं शेल कंपनियों के माध्यम से की जा रही थी। एनआईए ने दिनेश गोप की पत्नियों के बैंक खाते से 19 लाख 93 हजार 817 रुपये जब्त किए थे।










