पाकुड़ : आदिवासी सेंगेल अभियान के कार्यकर्ता सोमवार को समाहरणालय पहुंचे। जहां कार्यकर्ताओं ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर डीसी को राज्यपाल के नाम मांग पत्र सौंपा। जिला अध्यक्ष गानेल हेम्ब्रम ने हेमंत सरकार पर जमकर हल्ला बोला। उन्होंने बताया कि हेमंत सरकार संताली को प्रथम राजभाषा का दर्जा दो नहीं तो गद्दी छोड़ो। हेमंत सरकार को आदिवासी सेंगेल अभियान के हमारे 10 सवालों का जवाब देना होगा।
ये है इनकी मांगें
- अब तक अनुच्छेद 345 के तहत संताली भाषा को झारखंड की प्रथम राजभाषा का दर्जा क्यों नहीं दिया ?
- क्यों जेएमएम के एमएलए / एमपी ओल चिकी लिपि का विरोध करते हैं?
- क्यों मरांग बुरुको 5.1.23 को जैनों के हाथों बेच दिया ?
- क्यों सरना धर्म कोड की जगह “सरना आदिवासी धर्म कोड” बिल 11.11.2020 को पास कर बिना राज्यपाल के हस्ताक्षर के दिल्ली भेजा ? क्यों जनता को लडडू खिलाकर ठगा?
- क्यों कुर्मी महतो को 8.2.18 को आदिवासी बनाने का अनुशंसा किया है?क्यों असम अंडमान के झारखंडी अदिवासियों को ST बनाने पर चुप है?
- क्यों सीएनटी/ एसपीटी कानून का गला घोंट कर 23.3.2021 को शहरी विकास के नाम पर लैंड पूल बिल पास किया है?
- क्यों वीर शहीद सिदो मुर्मू के वंशज रामेश्वर मुर्मू की संदिग्ध हत्या (12. 6. 2020) के मामले पर मुस्लिम वोट बैंक के लिए सीबीआई जांच नहीं किया?
- जब 1932 खतियान आधारित स्थानीयता लागू नहीं कर सकता है तो प्रखंडवार नियोजन नीति लागू क्यों नहीं करता है?
- क्यों आदिवासी स्वशासन व्यवस्था में जनतांत्रिक और संवैधानिक सुधार की पहल करने की बजाय परंपरा के नाम से नशापान, अंधविश्वास, डायन प्रथा, महिला विरोधी मानसिकता, वोट को हँडिया दारु चखना रुपयों में खरीद बिक्री आदि को बढ़ावा देता है?
- क्यों महान बीर शहीद सिदो मुर्मू और बिरसा मुंडा के वंशजों के लिए दो दृस्ट का गठन कर प्रत्येक को 100 करोड़ रुपये का अंश पूंजी अबतक नहीं प्रदान किया?
इस मौके पर महिला मोर्चा अध्यक्ष सुशांति किस्कु, प्रमंडलीय महासचिव मदन मुर्मू, रामजीत टूडू, शैलेंद्र हेंब्रम, जय जोसेफ सोरेन, जीतन हसदा सिकंदर हेंब्रम मौजूद रहे।









