बेगूसराय : विपक्षी एकता की बैठक से पहले बिहार में ईडी और आईटी की टीम ने छापेमारी की है। यह छापेमारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी मंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी के साले अजय के यहां हो रही है। अजय सिंह उर्फ कारू सिंह उद्योगपति हैं। उनकी अपनी लोहे की फैक्ट्री है और ठेकेदार भी हैं। बेगूसराय में ईडी और इनकम टैक्स की टीम ने सुबह-सुबह ही धावा बोल दिया था। अब इस छापेमारी से बिहार की राजनीति एक फिर गरमा गई है। बता दें कि राजधानी पटना में शुक्रवार यानी 23 जून को विपक्षी एकता की बैठक होनी है। जिसमें देशभर के कई पार्टियों के दिग्गज नेता शामिल होंगे। इस बैठक में राहुल गांधी भी शामिल होंगे।
सुबह करीब छह बजे के आसपास पहुंची टीम
फिलहाल किस मामले में जांच एजेंसियों की टीम पहुंची है यह अभी साफ नहीं हो पाया है। कहा जा रहा है कि आज गुरुवार की सुबह करीब छह बजे के आसपास जांच एजेंसियों की टीम अजय कुमार सिंह उर्फ कारू सिंह के बेगूसराय के श्रीकृष्णा नगर स्थित आवास पहुंच गई थी। हालांकि छापेमारी के करीब चार घंटे होने को चला है लेकिन अब तक कोई जानकारी बाहर निकल कर नहीं आई है।
शुरू करने वाले थे इथेनॉल की फैक्ट्री
जानकारी के अनुसार, विजय चौधरी के साले अजय सिंह उर्फ कारू सिंह बिहार के चर्चित उद्योगपति हैं। मुख्य पेशा ठेकेदारी रहा है। हालांकि इनके पास कुछ फैक्ट्री भी हैं। फैक्ट्री में मुख्य रूप से ये छड़ का धंधा करते हैं। चर्चा ये भी है कि हाल के दिनों मे ये इथेनॉल की फैक्ट्री भी शुरू करने वाले थे। ठेकेदारी भी बड़े पैमाने पर चलती है। अब अचानक छापेमारी से जिले में हड़कंप मच गया है।
एक साथ कई ठिकानों पर हो रही छापेमारी
बताया जा रहा है कि श्रीकृष्णा नगर स्थित आवास के अलावा टीम मटिहानी थाना क्षेत्र के मटिहानी गांव और फुलवरिया थाना क्षेत्र स्थित फैक्ट्री पर एक साथ छापेमारी कर रही है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह होने से पहले ही करीब एक दर्जन से अधिक गाड़ी अजय सिंह के आवास के आसपास आई और रुक गई। फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
छापेमारी पर उठ रहे सवाल
बता दें कि जांच एजेंसियों के पहुंचने की टाइमिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं। कल पटना में नीतीश कुमार की अध्यक्षता में विपक्षी दलों की बैठक है। विपक्ष पहले से ही आरोप लगा रहा है कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों को परेशान किया जा रहा है।










