पटना : बिहार के गन्ना विकास विभाग में संयुक्त सचिव जीतेंद्र प्रसाद साह की मौत हो गई। उनकी मौत हिमाचल प्रदेश के जाखा में ट्रैकिंग के दौरान खाई में गिरने से हुई। इस ट्रैकिंग में कुल 5 सदस्य शामिल थे। हादसे के दौरान मृतक जितेंद्र कुमार साह हिमाचल के जाखा के पास ट्रैकिंग कर रहे थे। इस दौरान ही उन्होंने अपना संतुलन खो दिया और वे खाई में गिर गए। जितेंद्र के अलावा ट्रैकिंग में गन्ना विकास विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, जिला सूचना विज्ञान के पदाधिकारी राम भगवान और पशुपालन विभाग के डॉ. रमेश सहिंत करीब पांच अन्य लोगों भी गए थे।
जीतेंद्र प्रसाद साह का पार्थिव शरीर को पटना लाया जा रहा है, जो संभवतः मंगलवार तक पहुंच जाएगा। अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक, बिहार से हिमाचल प्रदेश यात्रा पर अधिकारियों की एक टीम गई थी। इस टीम में गन्ना विकास विभाग में संयुक्त सचिव जीतेंद्र प्रसाद साह भी शामिल थे।
ट्रैकिंग में कुल 5 सदस्य थे शामिल
जैसे ही हादसे की सूचना उनके परिजनों की मिली तो घर में मातम छा गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25 जून को बिहार के गन्ना विकास विभाग के संयुक्त सचिव जितेंद्र प्रसाद साह हिमाचल प्रदेश के जाखा के निकच ट्रैकिंग करने गए थे। इस ट्रैकिंग में कुल 5 सदस्य शामिल थे।
संतुलन बिगड़ने से खाई में गिरे जितेंद्र प्रसाद साह
ट्रैकिंग के दौरान जितेंद्र प्रसाद साह ने अपना संतुलन खो दिया और खाई में गिर गए। ऊंचाई से खाई में गिरने के कारण उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। इससे घटनास्थल पर ही, उनकी मौत हो गई। उनके पार्थिव शरीर को एनडीआरएफ की टीम ने खाई से बाहर निकाला। जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को संडासू अस्पताल भेज दिया गया।
बिहार प्रशासनिक सेवा संघ ने जताया शोक
पोस्टमार्टम के बाद जितेंद्र साह का शव चंडीगढ़ एयरपोर्ट लाया जाएगा। इसके बाद यहां से फ्लाइट द्वारा पार्थिव शरीर को पटना लेकर जाया जाएगा। जितेंद्र साह के आकस्मिक निधन पर बिहार प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष शशांक शेखर सिन्हा ने गहरा शोक प्रकट किया है। बता दें कि जितेंद्र साह अपने पीछे पत्नी तथा दो पुत्रों को छोड़ गए।









