संत मरिया महागिरजाघर में आर्चबिशप कार्डिनल तेलेस्फोर चौथे आर्चबिशप हैं, जिन्हें लेडियानी बेदी में दफनाया जा रहा है। बिशप को अंतिम विदाई देने कई लोग शामिल हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी कार्डिनल तेलेस्फोर को अंतिम विदाई दी।
आज राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हो रहा है। कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो की इच्छा थी कि उन्हें टेरेसा की मूर्ति के नीचे यहीं दफनाया जाए। संत मरिया गिरजाघर बना तो महिलाओं के लिए अलग से एक और जगह बनायी गयी। ईसाई महिलाएं गिरजाघर के आगे बांयीं ओर बैठतीं थी, इसलिए उस जगह को आज तक लेडियानी बेदी कहा जाता है।
कब और कौन हुए हैं गिरजाघर में दफन
इससे पहले 30 अप्रैल 1933 को बिशप वानहूक एसजे, 24 जुलाई 1960 को बिशप निकोलस कुजूर और 21 मई 1993 को आर्चबिशप पीयूष केरकेट्टा को संत मरिया महागिरजाघर में दफनाया गया है. आज र्चबिशप कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो चौथे आर्चबिशप हैं जिन्हें संत मरिया महागिरजाघर में ससम्मान दफनाया जा रहा है।










