देश में परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं व धांधली को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। रविवार, 7 जून 2026 को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के एमआईडीसी वालुज (MIDC Waluj) स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री दिपके ने दो टूक कहा कि उनका यह आंदोलन तब तक नहीं थमेगा, जब तक कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते। शनिवार, 6 जून को दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर हुए विशाल प्रदर्शन को ‘महा-सफल’ बताते हुए उन्होंने घोषणा की कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ इस मुहिम को अब बेहद आक्रामक तरीके से पूरे देश में फैलाया जाएगा और इसके लिए जल्द ही एक राष्ट्रव्यापी एक्शन प्लान रोल आउट किया जाएगा।

इस आंदोलन की शुरुआत शनिवार को बेहद अनोखे और नाटकीय घटनाक्रम के साथ देश की राजधानी दिल्ली में हुई। सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके शनिवार सुबह अमेरिका (US) से भारत लौटे और दिल्ली हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही उनके हाथ में बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की आत्मकथा की एक प्रति देखी गई। दिल्ली पुलिस से आधिकारिक अनुमति मिलने के बाद वे सीधे जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों युवाओं का सैलाब उमड़ा हुआ था। इस दौरान प्रदर्शनकारी अपने हाथों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की तख्तियां लिए हुए थे और वे सभी आयोजन स्थल पर बांटे जा रहे विशेष ‘कॉकरोच मास्क’ को पहनकर विरोध दर्ज करा रहे थे। आंदोलनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग के साथ-साथ सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को ‘हिंदू-मुस्लिम’ की राजनीति बंद करने की नसीहत दी और ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी नारे लगाए।

जंतर-मंतर पर करीब 6,000 से 7,000 लोगों की भारी भागीदारी से उत्साहित कॉकरोच जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अब केंद्र सरकार के सामने एक हफ्ते की समय-सीमा (अल्टीमेटम) रख दी है। दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीजेपी के मुख्य प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे आगामी एक सप्ताह तक केंद्र के फैसले का इंतजार करेंगे कि या तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से बर्खास्त करें या वे स्वयं स्वेच्छा से अपना इस्तीफा सौंप दें। प्रवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो पार्टी देश के हर राज्य और जिले में सड़कों पर उतरकर एक बड़ा और अनवरत देशव्यापी चक्का जाम आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगी। फिलहाल, घर लौटने पर परिवार और समर्थकों द्वारा भव्य स्वागत के बाद अभिजीत दिपके देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने में जुट गए हैं।










