रांची : देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर बहस छिड़ी हुई है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसकी धमक अब झारखंड में भी देखने को मिल रही है। आदिवासी संगठनों ने भी इसका कड़ा विरोध किया है। वहीं सूबे के सीएम हेमंत सोरेन से जब मीडिया ने यूसीसी पर पूछा तो वे भड़क गए। उन्होंने कहा कि, पीएम मोदी से पूछिए कि रोजगार कब देंगे, महंगाई कब घटाएंगे? वहीं जेएमएम के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य भी बमक गये और केंद्र सरकार को खरी-खोटी सुनाई।
बता दें कि यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिकता संहिता पर आम आदमी पार्टी का समर्थन मिल गया है। आम आदमी पार्टी की ओर से संदीप पाठक ने बुधवार को कहा कि आर्टिकल 54 यह कहता है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड होना चाहिए। आम आदमी पार्टी का भी यही मानना है कि सभी धर्म और राजनीतिक दलों से बातचीत करके इसे सर्वसम्मति से लागू किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में एक संबोधन के दौरान यूसीसी को लेकर कहा कि भारत के मुसलमानों को यह समझना होगा कि कुछ राजनीतिक दल यूसीसी को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। एक घर में दो कानून नहीं चलेगा।









