रांची : झारखंड नवनिर्माण मंच के अध्यक्ष कैलाश यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार शिक्षक भर्ती में स्थानीय निवासी होने की अनिवार्यता समाप्त करने एवं अन्य दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को आवेदन करने के निर्णय को स्वागत योग्य एवं ऐतिहासिक कदम बताया है। बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में नियुक्ति नियमावली में संशोधन कर यह निर्णय लिया गया की शिक्षक भर्ती में कोई भी भारतीय नागरिक आवेदन कर सकेंगे। इस फैसले पर झारखंड नवनिर्माण मंच ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को धन्यवाद किया।
कैलाश यादव ने कहा कि विगत समय से झारखंड नवनिर्माण मंच इस विषय को लेकर लगातार आवाज बुलंद कर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का काम किया है। अब राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी बाहरी भीतरी का भेद भाव से दूर होकर शिक्षक भर्ती में स्थानीय निवासी होने की अनिवार्यता समाप्त कर बिहार फार्मूले को लागू करने की जरूरत है। राज्यहित एवं जनहित में द्वितीय राजभाषा में शामिल भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका सहित अन्य सभी भाषाओं को भी मान्यता देने का निर्णय लें। ज्ञातव्य हो कि झारखंड में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए स्थानीय लोगों के लिए पूर्व से ही पूर्णरूप से छूट दी जा रही है।









