- उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में जॉइंट इनफोर्समेंट टीम की बैठक सम्पन्न
- खरीफ सीजन में उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता एवं कालाबाजारी रोकने हेतु दिए गए आवश्यक निर्देश
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गढ़वा। आज उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जॉइंट इनफोर्समेंट टीम (JET) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के सम्बंधित सभी अधिकारीयों ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया। बैठक में आगामी खरीफ मौसम को देखते हुए जिले में उर्वरकों की सुचारु आपूर्ति, वितरण व्यवस्था की निगरानी तथा कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में कृषि निदेशक, कृषि निदेशालय, झारखंड, रांची के पत्र के आलोक में राज्य सरकार द्वारा निर्गत निर्देशों के अनुपालन पर चर्चा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि किसानों को समय पर और उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर गठित संयुक्त प्रवर्तन दल को सक्रिय एवं सतर्क रहकर कार्य करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी तथा अनियमित वितरण की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिन क्षेत्रों में उर्वरकों की खपत असामान्य रूप से अधिक प्रतीत हो, वहां विशेष निगरानी रखते हुए नियमित छापेमारी एवं निरीक्षण अभियान चलाया जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बताया गया कि जिला स्तर पर गठित संयुक्त प्रवर्तन दल में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला सहकारिता पदाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक एवं जिला कृषि पदाधिकारी शामिल हैं। वहीं अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी एवं पर्यवेक्षण का कार्य करेंगे।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में प्रतिदिन की जा रही छापेमारी एवं निरीक्षण की सूचना जिला कृषि कार्यालय के माध्यम से कृषि निदेशालय को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कृषि कार्य हेतु रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे उर्वरकों का उपयोग किसी भी औद्योगिक कार्य में न हो। ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध विधि-सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान किसानों के बीच संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि DAP पर निर्भरता कम करने के लिए NPKS एवं SSP जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए।
इसके अतिरिक्त जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि उर्वरकों की आपूर्ति एवं वितरण की सतत निगरानी तथा त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए संयुक्त प्रवर्तन दल (JET) का व्हाट्सएप ग्रुप सक्रिय रखा जाए।
उपायुक्त ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की कृत्रिम कमी उत्पन्न करने या कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर सघन अभियान चलाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।










