बिहार के आरा शहर में दुर्गापूजा के पावन पर्व के समापन के बाद बुधवार की देर रात तक मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला लगातार जारी रहा। दरअसल, मंगलवार का दिन होने के कारण नियमानुसार उस दिन प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं किया गया था, जिसके चलते बुधवार को शहरभर में विसर्जन को लेकर विशेष उत्साह और भीड़ देखने को मिली। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मुस्तैदी के साथ शांतिपूर्ण विसर्जन कार्य संपन्न कराने में जुटी रही, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
विसर्जन जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद थी कि भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित खुद सड़कों पर उतरकर पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करते नजर आए। शहर के प्रमुख इलाकों जैसे पकड़ी चौक, स्टेशन रोड, क्लब रोड और मठिया मोड़ से जब मां दुर्गे की प्रतिमाएं ट्रक और ट्रैक्टरों पर सवार होकर निकलीं, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। गाजे-बाजे और भक्ति गीतों की धुनों के बीच युवा झूमते और थिरकते नजर आए, वहीं माता की प्रतिमा के समक्ष खड़ी कई महिलाओं की आंखें नम थीं, जो मां को भावुक होकर अंतिम विदाई देती हुई दिखाई दीं।
प्रशासनिक चौकसी और कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच संपन्न हुए इस विसर्जन समारोह में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या सुरक्षा में चूक की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन की मुस्तैदी और शांतिपूर्ण माहौल के कारण श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था और उल्लास के साथ अपनी आराध्य देवी को विदाई दी। माता को नम आंखों से विदा करते हुए भक्तों ने अगले बरस फिर आने का संकल्प दोहराया, जिसके साथ ही आरा में इस वर्ष के दुर्गापूजा उत्सव का शांतिपूर्ण समापन हुआ।










