- *उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी की अध्यक्षता में भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के कार्यक्रम का शुभारंभ, चार्ज पदाधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण*
गढ़वा। आज दिनांक 26 अक्टूबर 2026 को उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी श्री पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जनगणना कार्य को सुचारू, व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला, अनुमंडल, चार्ज, अपर चार्ज एवं शहरी जनगणना प्राधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 26 एवं 27 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। वहीं, जनगणना कार्य में तकनीकी सहयोग प्रदान करने वाले तकनीकी सहायकों का प्रशिक्षण दिनांक 28 एवं 29 अक्टूबर 2026 को अलग से आयोजित किया जाएगा। इस प्रकार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चार दिनों तक आयोजित किए जायेंगे।

कार्यक्रम में अपर समाहर्ता-सह-जिला जनगणना पदाधिकारी श्री विकास कुमार राय, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-अपर जिला जनगणना पदाधिकारी श्री कुमार दीप एक्का, तीनों अनुमंडलों के अनुमंडल पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-चार्ज पदाधिकारी तथा सभी प्रखंडों के सहायक चार्ज प्राधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित पदाधिकारियों को जनगणना कार्य की प्रक्रिया, दायित्वों एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य निष्पादन के संबंध में जानकारी दी गई।
*उपायुक्त श्री मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना देश की जनसंख्या से संबंधित विश्वसनीय एवं महत्वपूर्ण आंकड़ों के संकलन की एक राष्ट्रीय प्रक्रिया है। इसके माध्यम से जनसंख्या की स्थिति, सामाजिक एवं आर्थिक विशेषताओं तथा विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है। जनगणना के आंकड़े सरकार को विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के समुचित वितरण तथा जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करते हैं।*

उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य की सफलता के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों का प्रशिक्षित, सजग और जिम्मेदार होना आवश्यक है। सभी पदाधिकारी प्रशिक्षण के दौरान दी जा रही जानकारियों एवं दिशा-निर्देशों को गंभीरता से आत्मसात करें तथा अपने-अपने क्षेत्र में जनगणना कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप, समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करें। उन्होंने जनगणना कार्य में निर्धारित दिशा-निर्देशों के पालन, आंकड़ों की शुद्धता तथा कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।
उपायुक्त ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के सफल क्रियान्वयन हेतु संबंधित पदाधिकारियों की क्षमता एवं कार्यकुशलता को सुदृढ़ करना तथा जनगणना कार्य को व्यवस्थित, पारदर्शी एवं प्रभावी तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियों को सुनिश्चित करना है।










