- *मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के चयनित लाभुकों की सूची को जिला स्तरीय समिति की मिली स्वीकृति, पारदर्शिता के साथ योजनाओं का लाभ पहुंचाने का निर्देश*
गढ़वा। समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना एवं राज्य योजनान्तर्गत जोड़ा बैल वितरण योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत प्रखंड स्तरीय चयनित लाभुकों की अनुमोदित सूची पर जिला स्तरीय समिति द्वारा विचार-विमर्श एवं अनुमोदन हेतु बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पशुपालन प्रभाग एवं गव्य विकास प्रभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति तथा चयनित लाभुकों से संबंधित प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित विभागीय पदाधिकारियों द्वारा योजनावार प्राप्त आवेदनों, लाभुकों की पात्रता एवं निर्धारित मापदंडों के अनुरूप चयनित लाभुकों की सूची तथा प्रस्तावों की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई। समिति द्वारा सभी प्रस्तावों पर विस्तारपूर्वक चर्चा एवं समीक्षा करने के उपरांत नियमानुसार पात्र पाए गए लाभुकों की सूची एवं योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया।
- *पशुपालन प्रभाग के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं की प्रगति*
समीक्षा के दौरान बकरा विकास योजना (8+2) के तहत 524, सूकर विकास योजना (4+1) के तहत 126, ब्रायलर कुक्कुट योजना के तहत 207, बैकयार्ड लेयर कुक्कुट योजना के तहत 109, बतख चूजा वितरण योजना के तहत 302, भेड़ पालन योजना के तहत 81 तथा जोड़ा बैल योजना के तहत 47 की भौतिक प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई।
- *गव्य विकास प्रभाग के अंतर्गत योजनाओं की प्रगति*
वहीं गव्य विकास प्रभाग के अंतर्गत दो गाय योजना में 231, पांच गाय योजना में 60, दस गाय योजना में 13, मिल्किंग मशीन में 4, पनीर एवं खोवा मेकिंग मशीन में 3, काउ मैट में 24, हस्तचालित उपकरण में 25, विद्युत चालित उपकरण में 51, वर्मी कंपोस्ट में 100 तथा डीप बोरिंग योजना में 77 की भौतिक प्रगति की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक एवं योग्य लाभुकों तक पारदर्शी तथा निष्पक्ष तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लाभुकों के चयन में निर्धारित पात्रता एवं विभागीय दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता से अनुपालन किया जाए। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए चयनित लाभुकों को समय पर योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए, ताकि योजनाओं का उद्देश्य धरातल पर प्रभावी रूप से साकार हो सके।
उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की नियमित निगरानी की जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि पशुपालन एवं गव्य विकास से जुड़ी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पशुपालकों की आय में वृद्धि करने तथा ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
बैठक में उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, जिला परिषद अध्यक्ष शांति देवी, जिला कल्याण पदाधिकारी देवानंद राम, जिला पशुपालन पदाधिकारी-सह-जिला गव्य विकास पदाधिकारी डॉ. श्रीकांत रामदास बारबुदे, सभी विधायक प्रतिनिधि, जेएसएलपीएस के सदस्य सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।










