- शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही पर उपायुक्त सख्त, खराब प्रदर्शन पर स्पष्टीकरण व वेतन रोकने का निर्देश
- उपायुक्त की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न, सभी इंडिकेटरों में सुधार के दिए निर्देश
- शिक्षा विभाग के समस्त टीम से सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करने की अपील- उपायुक्त
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गढ़वा । उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यों एवं योजनाओं की जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित बैठक में शिक्षा विभाग के विभिन्न इंडिकेटरों की बिंदुवार एवं गहन समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ), बीपीओ/बीपीएम, बीआरपी/सीआरपी एवं एमआईएस को-ऑर्डिनेटर्स से बारी-बारी से विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अपेक्षित उपलब्धि नहीं हासिल करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों के प्रति उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रदर्शन में तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में लगातार असंतोषजनक प्रदर्शन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
*विद्यालय निरीक्षण एवं उपस्थिति व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश*
उपायुक्त ने सभी बीईईओ, बीपीओ/बीपीएम, बीआरपी एवं सीआरपी को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति की नियमित समीक्षा करें तथा मासिक परिलब्धि का भुगतान दर्ज उपस्थिति के अनुरूप ही सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों का प्रदर्शन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, वहां प्रधानाध्यापक एवं संबंधित शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाए। मानकों में अपेक्षित सुधार एवं लक्ष्य की प्राप्ति के बाद ही वेतन भुगतान की स्वीकृति देने का निर्देश दिया गया।
*छात्र उपस्थिति में खराब प्रदर्शन पर चिनियां एवं केतार के बीपीओ से स्पष्टीकरण*
उपायुक्त ने सभी प्रखंडों के बीपीओ/बीपीएम एवं एमआईएस को-ऑर्डिनेटर्स को छात्र उपस्थिति में निर्धारित मानक हासिल करने का निर्देश दिया। छात्र उपस्थिति के मामले में चिनियां एवं केतार प्रखंड के बीपीओ का प्रदर्शन खराब पाए जाने पर उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा वेतन पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया। सगमा प्रखंड के बीपीओ का भी प्रदर्शन खराब पाए जाने पर उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
वहीं, APAAR, आधार एवं MBU से संबंधित कार्यों में 60 प्रतिशत से कम उपलब्धि वाले प्रखंडों के एमआईएस को-ऑर्डिनेटर्स से भी स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित इंडिकेटरों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए अगले समीक्षा बैठक तक प्रदर्शन में स्पष्ट सुधार सुनिश्चित करें।
*शिक्षा विभाग की योजनाओं एवं प्रमुख इंडिकेटरों की व्यापक समीक्षा*
बैठक के दौरान जिले की समग्र शैक्षणिक प्रगति, कंपोजिट जिला रैंकिंग, छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति, आधार एवं अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट, आधारभूत संरचना विकास, निपुण भारत मिशन, पीएम-श्री विद्यालयों का क्रियान्वयन, पलाश कार्यक्रम, पीएम-पोषण योजना, आईसीटी एवं स्मार्ट क्लास की स्थिति, स्वास्थ्य जांच एवं आयरन-फोलिक एसिड वितरण, सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट रेल के अंतर्गत मासिक मूल्यांकन, यू-डायस एवं एसएमएस रिपोर्टिंग, एनआईएलपी/उल्लास कार्यक्रम, न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों एवं उनके अनुपालन तथा समग्र शिक्षा के अंतर्गत लंबित अग्रिमों समेत विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की क्रमवार समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को शिक्षा विभाग की योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति में सुधार, शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर वृद्धि तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
*पीएम पोषण योजना की भी हुई समीक्षा*
बैठक में जिला स्तरीय स्टीयरिंग-सह-मॉनिटरिंग कमिटी के तहत पीएम पोषण योजना की भी बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान विद्यालयों द्वारा एसएमएस के माध्यम से मध्याह्न भोजन संचालन की सूचना उपलब्ध कराने, वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रखंडवार खाद्यान्न वितरण, माहवार ऑनलाइन डाटा एंट्री, प्रखंड स्तरीय स्टीयरिंग-सह-मॉनिटरिंग कमिटी की बैठक तथा किचेन-सह-स्टोर मरम्मति की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में बच्चों को मेनू के अनुरूप पौष्टिक एवं पूरक आहार उपलब्ध कराया जाए। पीएम पोषण योजना के संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिन प्रखंडों अथवा विद्यालयों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया, उन्हें शीघ्र लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
*‘Garhwa Learns, Garhwa Leads’ से शिक्षा व्यवस्था में आएगा गुणात्मक सुधार*
बैठक में शिक्षा विभाग की ओर से DEIC (District Education Innovation Challenge) एवं District Education Performance Review Indicators में गढ़वा जिले के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार कार्ययोजना ‘Garhwa Learns, Garhwa Leads’ की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस कार्ययोजना के माध्यम से जिले में शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में गुणात्मक सुधार लाने के लिए जिला स्तर पर मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की गई है। इसके तहत मिशन रेड अलर्ट, गढ़वा स्पीक्स, स्मार्ट क्लास फॉर ए स्मार्टर माइंड, परख, पीएम पोषण, ग्रीन स्कूल-क्लीन स्कूल, इग्नाइट इनोवेशन, डेस्टिनेशन एवं फ्रॉम एजुकेशन टू प्रोस्पेरिटी जैसी विभिन्न गतिविधियों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
इन गतिविधियों के माध्यम से पोषक क्षेत्र के विद्यालय, शिक्षक, छात्र एवं समाज के सहयोग से प्रत्येक बच्चे का नामांकन सुनिश्चित करने, छात्र उपस्थिति बढ़ाने तथा विद्यालयों से बच्चों के छीजन को रोकने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
*बच्चों में अभिव्यक्ति एवं आत्मविश्वास बढ़ाने पर विशेष जोर*
कार्ययोजना के तहत प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों में अभिव्यक्ति की क्षमता, बोलने का आत्मविश्वास एवं मंच पर अपनी बात रखने की क्षमता विकसित करने के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों की झिझक दूर कर उन्हें खुलकर अपनी बात रखने के लिए सक्षम बनाना है।
इसके अतिरिक्त पीएम पोषण योजना का प्रभावी क्रियान्वयन, वार्षिक खेलकूद, पाठ्य-सहगामी गतिविधियों तथा विज्ञान, सामाजिक विज्ञान एवं नवाचार से संबंधित प्रयोगशालाओं का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। विद्यालयों के प्रदर्शन का जिला स्तर से मूल्यांकन भी किया जा रहा है तथा विभिन्न प्रभागों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है।
*‘नकारात्मकता छोड़ें, सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करें’:उपायुक्त*
उपायुक्त श्री पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि बच्चों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा अन्य सभी क्षेत्रों की प्रगति की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कर्मियों एवं पदाधिकारियों को नकारात्मकता को त्यागकर सकारात्मक ऊर्जा, जिम्मेदारी एवं टीम भावना के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में गुणात्मक प्रगति लाने के लिए गढ़वा जिले में विभिन्न नवाचार आधारित कार्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जिले की शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुदृढ़ एवं परिणामोन्मुखी बनाना है।
उन्होंने शिक्षा विभाग की पूरी टीम से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जिले के बच्चों के बेहतर भविष्य निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती प्रेमलता मुर्मू, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री जगरनाथ लकड़ा, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री अनुराग मिंज, सभी बीईईओ, बीपीओ/बीपीएम, बीआरपी/सीआरपी, एमआईएस को-ऑर्डिनेटर्स सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।










