- जनसुनवाई में उपायुक्त ने सुनी आमजनों की फरियाद, समस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
- पेंशन,भूमि विवाद, आवास, मुआवजा,सेविका चयन समेत विभिन्न मामलों की हुई सुनवाई
**************************************
गढ़वा। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री पशुपति नाथ मिश्रा ने आज समाहरणालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आमजनों की समस्याओं एवं शिकायतों को बारी-बारी से सुना। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं नियमानुसार निष्पादन हेतु उपायुक्त ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जनसुनवाई में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुआवजा, विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन, बकाया मजदूरी भुगतान समेत अन्य मामलों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित पदाधिकारियों को संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जनसुनवाई के दौरान धुरकी प्रखंड के कुम्बाकला निवासी शबरा बानो ने आंगनबाड़ी सेविका के चयन से संबंधित शिकायत उपायुक्त के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि धुरकी प्रखंड के सीडीपीओ द्वारा 12 अगस्त 2026 को आंगनबाड़ी सेविका का चयन किया गया। उनके अनुसार, चयन प्रक्रिया के दौरान उन्हें दिव्यांग होने के आधार पर मिलने वाले पांच अंक नहीं दिए गए, जिसके कारण उनका चयन नहीं हो सका। उन्होंने मामले की पुनः जांच कराकर नियमानुसार उचित कार्रवाई एवं सही चयन कराने का अनुरोध किया।

वहीं रमना प्रखंड के छापदाग कला निवासी लक्ष्मनिया देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किस्त भुगतान एवं राशि की मांग किए जाने से संबंधित शिकायत की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें प्रथम किस्त के रूप में 40 हजार रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ था। आरोप है कि राशि प्राप्त होने के बाद पप्पू कुमार शाह एवं सकेंद्र चौधरी द्वारा उनसे 8 हजार रुपये ले लिए गए तथा अतिरिक्त 2 हजार रुपये की मांग की गई, जिसे उन्होंने देने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि प्रथम किस्त के बाद अब तक उन्हें अन्य किस्तों का भुगतान नहीं किया गया है, जिसके कारण उनका आवास निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। इस संबंध में उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर भी अवगत कराया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने उपायुक्त से मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने तथा आवास निर्माण पूर्ण कराने का अनुरोध किया।

इसी क्रम में डंडई प्रखंड के ग्राम जरदे निवासी सुनीता देवी ने जमीन हड़पने के प्रयास से संबंधित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके गांव के ही राजेंद्र चौधरी द्वारा उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने अंचल कार्यालय में भी शिकायत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने उपायुक्त से मामले की जांच कराते हुए उचित न्याय दिलाने की मांग की।
रंका प्रखंड के भौड़ी निवासी तेतरी देवी ने न्यायालय के आदेश के बावजूद मकान निर्माण किए जाने की शिकायत उपायुक्त के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि उनकी जमीन पर गांव के ही अशोक प्रसाद द्वारा मकान निर्माण कराया जा रहा है। मामले की जांच के पश्चात अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई थी तथा मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद उनके अनुसार न्यायालयीय आदेश एवं रोक के बावजूद अशोक प्रसाद द्वारा मकान निर्माण के क्रम में ढलाई का कार्य कराया गया। इसकी सूचना अनुमंडल पदाधिकारी को भी दी गई, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात उन्होंने कही। उन्होंने उपायुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए उचित न्याय दिलाने का अनुरोध किया।
इसी प्रकार जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए अन्य फरियादियों ने भी अपनी-अपनी समस्याएं एवं शिकायतें उपायुक्त के समक्ष रखीं। उपायुक्त श्री पशुपति नाथ मिश्रा ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित विभागों के कार्यालय प्रधान एवं पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का संवेदनशीलता, तत्परता एवं प्राथमिकता के साथ नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करें। साथ ही, शिकायतों के समाधान में अनावश्यक विलंब न हो तथा पात्र लाभुकों को सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए।










