- जनसुनवाई में उपायुक्त ने सुनी आमजनों की समस्याएं
- प्राप्त 45 आवेदनों पर त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई का निर्देश
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गढ़वा। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री पशुपति नाथ मिश्रा ने आज समाहरणालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आमजनों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। जनसुनवाई के दौरान फरियादियों ने राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, सरकारी योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन सहित विभिन्न मामलों से संबंधित आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए।
उपायुक्त ने फरियादियों की समस्याओं को बारी-बारी से सुनते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमसंगत एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को आमजनों की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहते हुए प्राथमिकता के आधार पर मामलों का निष्पादन करने की बात कही।
*मिट्टी का मकान गिरने के बाद आवास की मांग*
जनसुनवाई में गढ़वा प्रखंड के बनपुरवा निवासी कुश कुमार दूबे ने आवास योजना का लाभ दिलाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उनका मिट्टी का मकान बरसात के दौरान गिर गया, जिसके कारण उन्हें एवं उनके परिवार को रहने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उपायुक्त से सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने का अनुरोध किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया।

*भूमि एवं मकान के मुआवजे से संबंधित मामले में जांच का निर्देश*
रंका प्रखंड के मानपुर पंचायत निवासी राजेश ठाकुर ने भूमि एवं मकान के मुआवजे की राशि गलत व्यक्ति को दिए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान उनकी जमीन अधिग्रहित हुई थी तथा उक्त भूमि पर स्थित उनका आवासीय मकान भी निर्माण कार्य के दौरान तोड़ा गया था। उनका आरोप है कि अंचल अमीन एवं हल्का कर्मचारी की लापरवाही के कारण उनकी भूमि का मुआवजा बगल की जमीन के दूसरे व्यक्ति को दे दिया गया।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में अंचल अमीन, कर्मचारी एवं अंचल अधिकारी के समक्ष कई बार लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए उन्हें मुआवजे की राशि दिलाने का अनुरोध किया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
*दत्तक पुत्र के अधिकार एवं संपत्ति संबंधी मामले में उचित कार्रवाई का अनुरोध*
बड़गड़ प्रखंड के टेंगारी निवासी सूरज प्रसाद ने दत्तक पुत्र के रूप में अपने कानूनी अधिकार एवं नाम दर्ज कराने से संबंधित आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता मदन प्रसाद ने उन्हें गोद लिया था तथा गोद लेने के बाद से उनका पालन-पोषण एवं देखरेख किया गया। उन्होंने बताया कि उनका विवाह भी उनके दत्तक पिता द्वारा कराया गया तथा उनके दो पुत्र हैं।
आवेदक ने बताया कि वर्तमान में उनके दत्तक पिता द्वारा उन्हें चल एवं अचल संपत्ति से बेदखल किए जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने उपायुक्त से मामले को ध्यान में रखते हुए उचित न्याय दिलाने का अनुरोध किया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
*झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय के चयन में अनियमितता की शिकायत*
भवनाथपुर प्रखंड की सीमा कुमारी ने झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय के चयन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए आवेदन समर्पित किया। उन्होंने बताया कि उनका चयन विज्ञान (भौतिकी एवं गणित) विषय के लिए हुआ था। काउंसलिंग के दौरान गणित विषय की मेरिट सूची में 74.95 प्रतिशत अंक के साथ उनका नाम प्रथम क्रमांक पर था। उन्होंने बताया कि जिला कार्यालय में उपस्थित होकर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपने सभी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करते हुए काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी की थी।
आवेदिका के अनुसार, अंतिम सूची जारी होने के बाद मेरिट सूची में उनका नाम नहीं था, जबकि उनसे कम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी का नाम सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि उनका नाम अंतिम सूची से हटाए जाने का स्पष्ट कारण भी उन्हें नहीं बताया गया। उन्होंने उपायुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए उचित न्याय दिलाने का अनुरोध किया।
*लगभग 45 आवेदन प्राप्त, त्वरित निष्पादन के निर्देश*
जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं क्षेत्रों से आए अन्य फरियादियों ने भी अपनी-अपनी समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं। उपायुक्त श्री पशुपति नाथ मिश्रा ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित कार्यालय प्रधानों को निर्देशित किया कि आमजनों से प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं तत्परता के साथ निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, मामलों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब नहीं हो तथा पात्र लाभुकों को सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए।
उक्त जनसुनवाई कार्यक्रम में लगभग 45 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर उपायुक्त द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।










