◆ उपायुक्त ने जनसुनवाई के माध्यम से सुनी आमजनों की समस्याएं
◆ प्राप्त शिकायतों के समाधान हेतु संबंधित पदाधिकारियों को किया निदेशित
उपायुक्त गढ़वा पशुपति नाथ मिश्रा ने आज समाहरणालय सभागार में जनसुनवाई का आयोजन किया। जनसुनवाई में आए फरियादियों की समस्याएं बारी-बारी से सुनी गई एवं उसके निष्पादन हेतु उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया। आज के जनसुनवाई में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन, बकाया मजदूरी भुगतान समेत अन्य समस्याओं को लेकर उपस्थित हुए आमजनों की समस्याओं को उपायुक्त द्वारा गंभीरता से बारी-बारी सुनी गई एवं यथाशीघ्र उनके समस्याओं के निराकरण करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निदेशित किया गया।

उक्त जनसुनवाई में रमना प्रखंड के बहियार खुर्द निवासी शकुंती देवी ने आवेदन समर्पित करते हुए सड़क चौड़ीकरण में अधिग्रहित किए गए भूमि के विरुद्ध मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि NH-39 सड़क निर्माण के दौरान उनकी भूमि का अधिग्रहण किया गया था, जिसका मुआवजा राशि अभी तक अप्राप्त है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पिछले दो बार जिला भू-अर्जन कार्यालय गढ़वा में आवेदन समर्पित किया जा चुका है, परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अतः उन्होंने अपने अधिग्रहित भूमि के विरुद्ध उचित मुआवजा राशि शीघ्र दिलाने का आग्रह किया।
सदर प्रखंड के ग्राम नवादा निवासी शाहजहां बीवी ने आवेदन समर्पित करते हुए अबुआ आवास का तीसरा किस्त नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में अबुआ आवास स्वीकृति के उपरांत प्रथम एवं द्वितीय किस्त उन्हें प्राप्त हो चुका है। फ्लस्वरूप रूफ लेवल तक आवास निर्माण का कार्य किया जा चुका है, परंतु तीसरा किस्त अभी तक भुगतान नहीं होने के चलते निर्माण कार्य अधूरा है। अतः उन्होंने अपना शेष किस्त की राशि भुगतान कराने का अनुरोध किया।

मेराल प्रखंड के चामा निवासी प्रियंका कुंवर ने उत्तर हरिजन टोला चामा आंगनबाड़ी केंद्र संख्या- 12 में आंगनबाड़ी सेविका के चयन में अनियमितता बरतने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को आंगनबाड़ी सेविका के चयन हेतु आयोजित चयन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई है। आयोजित ग्राम सभा के दौरान उपस्थित आम लोगों की सहमति नहीं ली गई। साथ ही आयोजित किए जाने वाले आम सभा की सूचना ग्रामीणों को उचित समय पर नहीं दी गई जिसके कारण योग्य उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित रह गए। उन्होंने चयन प्रक्रिया में धांधली करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच करा कर उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
मेराल प्रखंड के अधौरा निवासी मेघराज साव ने आवेदन समर्पित कर विवादित भूमि पर विपक्षियों द्वारा जबरन, निर्माण कार्य करने एवं खेती करने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि 1.58 एकड़ भूमि विवादित चल रहा है, जिसकी जांच प्रक्रिया अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा के प्रक्रियाधीन है। अनुमंडल पदाधिकारी एवं संबंधित अंचल अधिकारी के स्तर से जांच प्रक्रिया अभी तक लंबित है, परंतु द्वितीय पक्ष के व्यक्तियों द्वारा जबरन उक्त विवादित भूमि पर खेती एवं निर्माण के कार्य किये जा रहे हैं, जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच मारपीट एवं विवाद की संभावना बनी हुई है। अतः उन्होंने मामले की जांच करते हुए उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
इसी प्रकार जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए शेष अन्य लोगों ने भी अपनी-अपनी समस्याओं को बारी-बारी से उपायुक्त के समक्ष रखा। आमजनों से प्राप्त शिकायतों के समाधान हेतु उपायुक्त श्री मिश्रा द्वारा संबंधित पदाधिकारीयों को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही दूरभाष के माध्यम से संबंधित विभागों के कार्यालय प्रधान को संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ आमजनों से प्राप्त शिकायतों व समस्याओं को निष्पादित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गयें। उक्त जनसुनवाई कार्यक्रम में लगभग 25 आवेदन प्राप्त हुए।










