- विकास योजनाओं में तेजी लाएं, निर्धारित लक्ष्यों को समय पर करें पूरा : उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा
- समाहरणालय सभागार में प्रखंडवार विकास योजनाओं, आवास, मनरेगा एवं पंचायती राज सहित अन्य कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा
**************************************
गढ़वा। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रखंडवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम, बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन मिशन, युक्तधारा सहित जिला पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, जिला पंचायती राज पदाधिकारी कुमुद कुमार झा, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, परियोजना पदाधिकारी, संबंधित समन्वयक एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने समीक्षा के दौरान सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को योजनाओं की प्रगति में तेजी लाते हुए लंबित एवं अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
- *प्रधानमंत्री आवास एवं अबुआ आवास योजना की हुई समीक्षा*
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण वर्ष 2024-25 के अंतर्गत एसएनए स्पर्श निधि निर्गमन की स्थिति, वित्तीय प्रगति एवं आवास निर्माण की पूर्णता प्रगति की प्रखंडवार समीक्षा की गई। इसके साथ ही अबुआ आवास योजना वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की प्रगति का भी जायजा लिया गया।

उपायुक्त ने लाभुकों को आवास निर्माण के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली राशि एवं निर्माण की विभिन्न अवस्थाओं की नियमित निगरानी करने तथा अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवास योजनाओं में स्वीकृति से लेकर निर्माण पूर्ण होने तक प्रत्येक स्तर पर प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान की प्रगति की भी समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को सभी निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
- *ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश*
बैठक में ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के अंतर्गत कार्य प्रगति एवं कार्यरत श्रमिकों की संख्या, कार्य प्रगति वाली ग्राम पंचायतों की स्थिति, वित्तीय वर्ष 2026-27 में सामग्री एवं प्रशासनिक मद में वित्तीय प्रदर्शन तथा मजदूरी मद में वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई।
इसके साथ ही जॉब कार्ड का ई-केवाईसी, भू-टैगिंग के दूसरे चरण की प्रगति, बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन मिशन तथा युक्तधारा से संबंधित कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक जरूरतमंद ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा स्वीकृत योजनाओं को धरातल पर तेजी से क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने कार्यस्थलों पर श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति एवं योजनाओं की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने की बात कही।
- *पंचायती राज विभाग के कार्यों की भी गहन समीक्षा*
जिला पंचायती राज विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के क्रम में 13वें वित्त आयोग के अंतर्गत अवशेष राशि, 14वें वित्त आयोग के आंकड़ों का मिलान, आंकड़ों में सुधार एवं संबंधित संस्था को भुगतान की स्थिति, 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत व्यय की स्थिति, वार्षिक कार्ययोजना के प्रारूप की तैयारी तथा अनुमोदित कार्ययोजना की ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर प्रविष्टि की प्रखंडवार समीक्षा की गई।
इसके अलावा प्रशिक्षण से संबंधित आंकड़ों की प्रशिक्षण प्रबंधन पोर्टल पर प्रविष्टि तथा सभासार पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियों की स्थिति की भी जानकारी ली गई।
उपायुक्त ने 14वें वित्त आयोग के अंतर्गत ऑनलाइन प्रारंभिक शेष राशि में आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया। वहीं 13वें वित्त आयोग की अवशेष राशि से संबंधित प्रतिवेदन जिला परिषद कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा।
- *कम व्यय वाले प्रखंडों को नियमानुसार व्यय सुनिश्चित करने का निर्देश*
15वें वित्त आयोग के अंतर्गत पंचायत समितियों में कम व्यय करने वाले प्रखंडों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने डंडा, धुरकी, डंडई, खरौंधी, मझीआंव, रंका, बिशुनपुरा, नगर उंटारी, बरडीहा एवं बड़गड़ प्रखंडों को नियमानुसार उपलब्ध राशि का उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि स्वीकृत राशि का समय पर नियमानुसार व्यय नहीं होने की स्थिति में भविष्य में भारत सरकार से राशि प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। इसलिए सभी संबंधित पदाधिकारी वित्तीय नियमों का पालन करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन एवं व्यय की गति बढ़ाएं।
उपायुक्त ने 30 प्रतिशत से कम प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों की विशेष समीक्षा करते हुए संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को प्रदर्शन में सुधार लाने तथा नियमानुसार उपलब्ध राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
- *ग्राम सभा एवं ज्ञान केंद्र के कार्यों पर विशेष जोर*
बैठक में उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को ग्राम सभा के निर्धारित कार्यक्रम एवं विवरण को सभासार पोर्टल पर समय पर अपलोड करने का निर्देश दिया। उन्होंने पंचायत स्तर पर संचालित गतिविधियों की ऑनलाइन प्रविष्टि को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।
वहीं ज्ञान केंद्र से संबंधित निर्माण एवं अन्य कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसके तहत भवनाथपुर के अरसली दक्षिणी एवं पंडरिया, डंडा के छप्परदागा एवं डंडा, रमकंडा के बिराजपुर तथा मझीआंव के सोनपुरवा सहित अन्य स्थानों पर निर्धारित कार्यों को नियमानुसार शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।
- *हर स्तर पर जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश*
उपायुक्त ने कहा कि विकास योजनाओं की सफलता केवल स्वीकृति और राशि निर्गमन तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी क्रियान्वयन ही इसका वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने सभी बीडीओ एवं संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों में योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए प्रगति में आ रही बाधाओं का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया।
उन्होंने विशेष रूप से वित्तीय प्रगति, भौतिक प्रगति, लंबित कार्य, लाभुकों को योजनाओं का लाभ, श्रमिकों को रोजगार तथा पोर्टलों पर अद्यतन आंकड़ों की प्रविष्टि पर लगातार निगरानी रखने को कहा।
बैठक के अंत में उपायुक्त श्री मिश्रा ने सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में संचालित सभी विकास योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने तथा सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र ग्रामीणों तक पहुंचाने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त अन्यान्य बिंदुओं पर भी चर्चा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।










