- स्वीकृत बल के अनुरूप कर्मियों के समायोजन हेतु गढ़वा जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण निर्णय, 26 लिपिकीय कर्मियों का हुआ स्थानांतरण एवं पदस्थापन
गढ़वा जिला प्रशासन द्वारा कार्यालयों में स्वीकृत एवं चिन्हित बल के अनुरूप कार्य व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अतिरिक्त पदस्थापना के कारण उत्पन्न हो रही प्रशासनिक एवं तकनीकी कठिनाइयों के समाधान हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्थापना समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में जिले के विभिन्न अंचल, प्रखंड एवं अनुमंडल कार्यालयों में कार्यरत कुल 26 लिपिकीय कर्मियों का स्थानांतरण एवं पुनर्पदस्थापन किया गया है।
ज्ञात हो कि जिला स्थापना द्वारा दिनांक 14 मार्च 2026 को गढ़वा जिले के विभिन्न अंचल कार्यालयों में कार्यरत प्रधान लिपिक, उच्चवर्गीय लिपिक तथा निम्नवर्गीय लिपिकों का स्थानांतरण एवं पदस्थापन किया गया था। उक्त आदेश के अनुपालन में कर्मियों द्वारा अपने नए पदस्थापन कार्यालयों में योगदान देकर कार्य संपादन प्रारंभ कर दिया गया।
हालांकि, इसके उपरांत जिला प्रशासन द्वारा की गई समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि कई कार्यालयों में स्वीकृत बल से अधिक संख्या में कर्मियों का पदस्थापन हो गया है। फलस्वरूप अतिरिक्त कर्मियों के वेतन भुगतान में तकनीकी समस्याएँ उत्पन्न होने लगीं, जिससे प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई थी।
इस संबंध में कोषागार पदाधिकारी प्रशांत मिंज द्वारा भी स्पष्ट किया गया कि वित्त विभागीय प्रावधानों के अनुरूप किसी भी कार्यालय में कर्मियों का पदस्थापन केवल उस कार्यालय के लिए स्वीकृत एवं चिन्हित बल के अनुसार ही किया जाना आवश्यक है। साथ ही वित्त विभाग के निर्देशों एवं कोषागार प्रणाली को सुदृढ़ बनाए रखने की दृष्टि से लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित कर्मियों के स्थानांतरण की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 19 मई 2026 को आयोजित जिला स्थापना समिति की बैठक में व्यापक विचार-विमर्श के पश्चात यह निर्णय लिया गया कि चिन्हित कार्यालयों में कार्यरत लिपिकीय कर्मियों को प्रशासनिक आवश्यकता एवं कार्य संतुलन के आधार पर अन्य कार्यालयों में स्थानांतरित एवं पुनर्पदस्थापित किया जाए।
जारी आदेश के अनुसार विभिन्न कार्यालयों के बीच कर्मियों का समायोजन किया गया है, जिससे न केवल कार्यालयों में मानव संसाधन का संतुलित वितरण सुनिश्चित होगा, बल्कि वेतन भुगतान संबंधी तकनीकी बाधाओं का भी समाधान संभव हो सकेगा। यह कदम वित्तीय अनुशासन, प्रशासनिक दक्षता तथा पारदर्शी कार्यप्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित कार्यालय प्रधानों को निर्देशित किया है कि स्थानांतरित कर्मियों को शीघ्र विरमित करते हुए उनके नए पदस्थापन कार्यालय में योगदान सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही नए कार्यालयों के कार्यालय प्रधानों को निर्देश दिया गया है कि योगदान के उपरांत कर्मियों के लंबित वेतनादि का भुगतान समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करें।










