▫️ उपायुक्त की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा कार्यों से संबंधित समीक्षा हेतु जिला स्तरीय परामर्शी समिति की बैठक का आयोजन
▫️अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी -सह- अभिहित अधिकारी एवं खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों ने अब तक कृत कार्रवाईयों से कराया अवगत
▫️आगामी त्योहारों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा के प्रावधानों को सख्ती से लागू कराने हेतु लगातार जांच अभियान चलाने का निर्देश
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा से संबंधित कार्यों की समीक्षा हेतु गठित जिला स्तरीय परामर्शी समिति का बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें समिति के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य गण उपस्थित थें।
विदित हो कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के नियमों के आलोक में खाद्य सुरक्षा के प्रावधानों को लागू करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय परामर्शी समिति (District Level Advisory Committee) का गठन किया गया था। फलस्वरुप अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी -सह- अभिहित अधिकारी एवं विभिन्न खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों द्वारा जिले के अपने संबंधित क्षेत्र की शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में लगातार खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
मौके पर उपस्थित अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी -सह- अभिहित अधिकारी एवं खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि The Food Safety and Standard (Licensing and Registration of Food Business Regulations, 2011 के उप-नियम 2.1.15 के आलोक में खाद्य सुरक्षा के प्रावधानों को सख्ती से लागू कराने एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशानुसार Analogue/Non-Dairy/Adulterated Paneer के निर्माण, बिक्री, आपूर्ति एवं उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा FSS Act, 2006 के तहत प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 35 खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें ऑन द स्पाट पनीर का जाँच किया गया एवं पनीर के 11 सैंपल जाँच हेतु राज्य खाद्य जाँच प्रयोगशाला भेजा गया।

पुरानी बाजार स्थित प्रकाश इंटरप्राईजेज के औचक निरीक्षण में 35 किलो Adulterated पनीर को जब्त एवं नष्ट कराया गया, साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 69 के तहत् 50000 (पचास हजार) रूपये का जुर्माना किया गया। पूर्व में विगत एक वर्ष में पनीर के कुल 21 सैंपल जाँच हेतु राज्य खाद्य जाँच प्रयोगशाला भेजा गया। अवमानक सैंपल का वाद न्याय निर्णयन पदाधिकारी-सह-अपर समाहर्त्ता के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसमें संबंधित खाद्य कारोबारियों पर कुल 220000 (दो लाख बीस हजार) रूपये का जुर्माना लगाया गया। वर्तमान में निरीक्षण एवं नमूना संग्रहण का कार्य प्रगति पर है।
दिनांक- 01.04.2026 से 12.10.2026 तक खाद्य सुरक्षा कार्यों से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन से अवगत कराते हुए बताया गया कि अब तक कुल 264 निरीक्षण किए गए हैं, जिसमें खाद्य प्रतिष्ठान, हाट-बाजार, मॉल, डिपार्मेंटल स्टोर्स समेत विद्यालयों में चलाये जा रहे मिड डे मील शामिल है। इस दरम्यान 63 नमूनों को जांच हेतु संग्रह किया गया एवं अपर समाहर्ता न्यायालय से 06 लाख 10 हज़ार रूपये अर्थदंड अधिरोपित किए गए। इसके अतिरिक्त सेक्शन 69 में अधिरोपित अर्थदंड की राशि 01 लाख 85 हज़ार रूपये बताई गई।
उपायुक्त श्री मिश्रा द्वारा खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों द्वारा चलाए गए विभिन्न जांच अभियानों की सराहना की गई एवं अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी -सह- अभिहित अधिकारी एवं उपस्थित खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों को आगामी त्यौहारों को देखते हुए विभिन्न थोक एवं खुदरा बाजारों, सुपर मार्केट, किराना दुकानों एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए FSSAI द्वारा चिन्हित/संदिग्ध Non-Compliant/अमानक एवं मिस-लेबलिंग उत्पादों की उपलब्धता, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध सघन जाँच एवं प्रवर्तन अभियान लगातार चलाने का निर्देश दिया गया।

समीक्षा के दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों ने अपनी समस्याओं से भी उपायुक्त को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जांच अभियान के दौरान स्थल निरीक्षण में वाहन के अभाव के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस संदर्भ में उपायुक्त ने अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी -सह- अभिहित अधिकारी को वाहन की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उक्त समीक्षात्मक बैठक में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, सिविल सर्जन डॉ. जेएफ कैनेडी, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) यशोधरा, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी -सह- अभिहित अधिकारी आर.एस. सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान, जिला शिक्षा पदाधिकारी जगन्नाथ लकड़ा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, जिले के विभिन्न खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी क्रमशः दीपश्री, रोहित कुमार, किरण हेंब्रम एवं अनिरुद्ध कुमार राय समेत अन्य संबंधित कर्मी एवं पदाधिकारी उपस्थित थें।










